मुजफ्फरनगर। माँ शाकम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अंतर्गत आयोजित योग महोत्सव कार्यक्रम श्रृंखला के क्रम में आज दिनांक 19 जून 2026 को भी एस.डी. कॉलेज ऑफ लॉ में योगाभ्यास एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय परिवार द्वारा योग के महत्व पर विचार-विमर्श एवं सामूहिक योगाभ्यास के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को योग के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के *प्राचार्य डॉ. रेनू गर्ग* ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रहता है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक प्रभावी ढंग से कर सकता है। उन्होंने सभी को अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने का आह्वान किया।
महाविद्यालय की *निदेशक डॉ. मंजु मल्होत्रा* ने कहा कि आज के तनावपूर्ण एवं प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में योग का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। योग व्यक्ति को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास एवं मानसिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया तथा योग को स्वस्थ समाज निर्माण का आधार बताया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों एवं शिक्षकों ने प्रतिभागियों को योग की विभिन्न विधियों की जानकारी देते हुए उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों से अवगत कराया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया तथा योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मुकुल गुप्त ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन एवं आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करती है। योग के माध्यम से हम न केवल स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि एक सशक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में भी योगदान दे सकते हैं।
सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित चौहान ने कहा कि योग के माध्यम से व्यक्ति अनुशासन, संयम एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करता है। वहीं सहायक प्राध्यापक अमित भारद्वाज ने कहा कि निरंतर योगाभ्यास से तनाव, अवसाद एवं अनेक जीवनशैली संबंधी रोगों से बचा जा सकता है। सहायक प्राध्यापक *वैभव कश्यप* ने योग को स्वस्थ एवं समरस समाज की आधारशिला बताते हुए सभी को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य आयोजन में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। “कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने नियमित रूप से योग करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय प्रशासन ने योग महोत्सव के सफल आयोजन हेतु सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा आगामी 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. रेनू गर्ग, डॉ. मंजु मल्होत्रा, डॉ. मुकुल गुप्त, डॉ. अमित चौहान, डॉ. प्रीति चौहान, छवि जैन, पूनम शर्मा, बीता गर्ग, डॉ. अभिनव गोयल, अनीता सिंह, प्रदीप सिंघल, संतोष शर्मा, अमित त्यागी, वैभव कश्यप, अमित भारद्वाज, प्रीति दीक्षित,विपुल कुमार, डॉ. दीपक मलिक, उमेशचंद त्रिपाठी, शुभम सिंघल एवं मोहम्मद आमिर , विपुल अग्रवाल एवं साक्षी सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।


