*🔮 अधिक मास अमावस्या 🔮*
वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या तिथि *15 जून 2026, सोमवार* को मनाई जाएगी। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इस बार यह *सोमवती अमावस्या* का अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बना रही है।
पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि का समय इस प्रकार रहेगा
*❇️अमावस्या तिथि प्रारंभ*
14 जून 2026 (रविवार) आज दोपहर 12:19 बजे से प्रारंभ हो गई है
*❇️अमावस्या तिथि समाप्त* 15 जून 2026 (सोमवार) को सुबह 08:23 बजे तक।
चूंकि 15 जून को सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए उदयातिथि के नियम के अनुसार पवित्र स्नान, दान-पुण्य, भगवान विष्णु की आराधना और पितृ तर्पण आदि के सभी धार्मिक कार्य 15 जून, सोमवार को ही किए जाएंगे।
अधिक मास की अमावस्या, जिसे हम ‘मलमास’ या ‘पुरुषोत्तम मास’ की अमावस्या भी कहते हैं, आध्यात्मिक उन्नति, पितृ दोष निवारण और जीवन की रुकावटों को दूर करने के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इस बार सोमवार का संयोग होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
🌐 *इस शुभ दिन पर आप निम्नलिखित विशेष उपाय कर सकते हैं*
*🧡1. पितृ प्रसन्नता और दोष निवारण उपाय*
*💚तर्पण और पिंड दान* इस दिन सुबह जल्दी स्नान करके पितरों के निमित्त तर्पण करें। जल में काला तिल, कुशा और कच्चा दूध मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को अंजलि दें।
*💚अमावस्या का सीधा (दान)* किसी सात्विक ब्राह्मण को भोजन सामग्री (जैसे आटा, चावल, दाल, घी, गुड़, नमक और मौसमी फल) के साथ वस्त्र और दक्षिणा दान करें।
*💚पीपल वृक्ष की सेवा* सुबह के समय पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें, जिसमें थोड़ा दूध और गंगाजल मिला हो। शाम को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करते हुए परिक्रमा करें।
*🧡2. सुख-समृद्धि और लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय*
*💚विष्णु-लक्ष्मी पूजन* अधिक मास के स्वामी स्वयं भगवान पुरुषोत्तम (श्री हरि) हैं। इस दिन पीले फूल, तुलसी दल और पीले फल चढ़ाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का संयुक्त पूजन करें।
*💚तुलसी की परिक्रमा* अमावस्या के दिन तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और उनकी 108 बार परिक्रमा करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-शांति आती है।
*💚मुख्य द्वार पर दीपक* सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर या कम से कम दाहिनी ओर झुका हुआ झुकाव रखकर (दक्षिण दिशा की ओर मुख) घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
*🧡3. ग्रह बाधा और कष्ट निवारण उपाय*
*💚महामृत्युंजय या शिव पंचाक्षरी मंत्र* सोमवती अमावस्या होने के कारण शिव आराधना का विशेष महत्व है। शिवलिंग पर जलाभिषेक या दुग्धाभिषेक करें और “ॐ नमः शिवाय” अथवा महामृत्युंजय मंत्र की कम से कम एक माला का जाप करें।
*💚अन्न और जल दान* किसी जरूरतमंद व्यक्ति या भिखारी को प्रेमपूर्वक भोजन कराएं। गर्मियों का समय होने के कारण प्यासे लोगों के लिए जल (शरबत या मटके का पानी) की व्यवस्था करना अत्यंत पुण्यदायी रहेगा।
*💚पक्षियों और चींटियों को आहार* सुबह के समय चींटियों को कसार (भुना हुआ आटा और चीनी) डालें और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज (सप्तधान्य) खिलाएं।
*🌻हरिहर की हम सब पर कृपा सदा बरसती रहे यही कामना।🌻*

