मुजफ्फरनगर। थाना छपार पुलिस व एसओजी की संयुक्त कार्यवाही म कूटरचित दस्तावेज बनाने वाले 15 हजार के ईनामी/वांछित चर्चित इमलाख और हरिद्वार के एक चिकित्सक सहित 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 32 विजिटिग कार्ड, 06 खाली लैटरहेड, 04 लिखित लैटरहैड, 04 मेडिकल अल्ट्रा साउण्ड रिपोर्ड/कवर, 06 मरीजो के नाम से बुकलेट, 03 अदद मोबाईल फोन, 01 गाडी रजिस्ट्रेशन न0 UK17V4005 बरामद किए गए हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी सदर विनय कुमार द्विवेदी तथा थानाध्यक्ष छपार मोहित कुमार एवं एसओजी प्रभारी मोहित ने बताया कि थाना छपार पुलिस को आईजीआरएस के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ जिसमें इमलाख उर्फ इमलाक पुत्र मो. इलियास निवासी ग्राम शेरपुर थाना कोतवाली नगर, मुजफ्फरनगर द्वारा पैसे लेकर धोखाधडी करने तथा अपने इन्सिटयूट में मूल दस्तावेज रख लेने व अनुचित पैसे की मांग की गयी। इस पर थाना छपार पुलिस द्वारा जांच की गयी तो यह तथ्य प्रकाश में आये कि अभियुक्त इमलाख उर्फ इमलाक पैसे लेकर कूटरचित दस्तावेज बनाता है तथा पूर्व में उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा उसे गिरफ्तार भी किया गया है। थाना छपार पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 53/26 धारा 318(4)/336(3)/338/340(2)/351(3)/352/61(2) बी.एन.एस पंजीकृत किया गया तथा अभियुक्त इमलाख उर्फ इमलाक की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित की गयी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु 15 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया।
5 जुलाई को थाना छपार को सूचना प्राप्त हुई कि ताजपुर रजवाहे बरला बसेडा रोड पर मु0अ0सं0 53/26 धारा 318(4)/336(3)/338/340(2)/351(3)/352/61(2) बी.एन.एस के वांछित अभियुक्त व 15 हजार रुपये का पुरुस्कार घोषित अपराधी इमलाख उर्फ इमलाक अपने अन्य साथियों के साथ कही भागने की फिराक मे खडे है। इस सूचना पर थाना छपार पुलिस तत्काल मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुंची। एक संदिग्ध गाडी पर शक होने पर पुलिस टीम द्वारा सभी को गाडी से उतारकर नाम पता पूछा गया तो उन्होने अपना नाम क्रमशः
1.इमलाख उर्फ इमलाक पुत्र मो0 इलियास निवासी ग्राम शेरपुर थाना कोतवाली नगर,मुजफ्फरनगर 2. डा0 वी0के0 गौतम पुत्र स्व0 निर्मल हाल निवासी हिमालयन मेडिकेयंर डायग्नोस्टिक सेण्टर जीटी रोड निकट हुडई शोरुम , रुडकी रोड हरिद्वारा मूल पता गली नं0 6 शामली अड्डे के पास थाना कोतवाली नगर जनपद मुजफ्फरनगर 3. डा0 मंसूर उलहक पुत्र मंजूर उलहक निवासी हाउस नं0 175 शिवपुरी थाना खतौली बताया। अभियुक्तगण के कब्जे से 32 विजिटिग कार्ड, 06 खाली लैटरहेड व चार लिखित लैटरहैड, 04 मेडिकल अल्ट्रा साउण्ड रिपोर्ड/कवर, 06 मरीजो के नाम से बुकलेट, 03 अदद मोबाईल फोन एवं एक गाडी रजिस्ट्रेशन न0 UK17V4005 संबंधित मु0अ0सं0 53/26 धारा 318(4)/336(3)/338/340(2)/351(3)/352/61(2) बी.एन.एस बरामद किये गये। अभियुक्तगण को मौके से गिरफ्तार करते हुए थाना छपार पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त
1. इमलाख उर्फ इमलाक पुत्र मो0 इलियास निवासी ग्राम शेरपुर थाना कोतवाली नगर, मुजफ्फरनगर उम्र करीब 38 वर्ष
2. डा0 मंसूर उलहक पुत्र मंजूर उलहक निवासी हाउस नं0 175 शिवपुरी थाना खतौली, मुजफ्फरनगर उम्र करीब 62 वर्ष
3. डा0 वी0के0 गौतम पुत्र स्व0 निर्मल हाल निवासी हिमालयन मेडिकेयंर डायग्नोस्टिक सेण्टर जीटी रोड निकट हुडई शोरुम , रुडकी रोड हरिद्वारा मूल पता गली नं0 6 शामली अड्डे के पास थाना कोतवाली नगर जनपद मुजफ्फरनगर उम्र करीब 55 वर्ष
*बरामदगी-*
• 32 विजिटिग कार्ड
• 06 खाली लैटरहेड
• 04 लिखित लैटरहैड
• 04 मेडिकल अल्ट्रा साउण्ड रिपोर्ड/कवर
• 06 मरीजो के नाम से बुकलेट
• 03 अदद मोबाईल फोन
• 01 गाडी रजिस्ट्रेशन न0 UK17V4005
गिरफ्तार अभियुक्त इमलाख उर्फ इमलाख द्वारा पूछताछ के दौरान बताया कि मैं बाबा इन्सटिटयूट आफ फार्मेसी का चैयरमेन व डायरेक्टर हूँ तथा बी फार्मा ,डी फार्मा व बीएएमएस की फर्जी डिग्री बनवाता हूँ। मैं पहले बहुत फर्ची डिग्री उत्तराखण्ड में बनाता था तब मुझे उत्तराखण्ड एस.टी.एफ. द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तो मैं 2 साल के करीब जेल में रहकर आया हूं। गिरफ्तार अभियुक्त डा वी0के0 गौतम ने बताया कि मै Himalaya Medicare Centre हरिद्वार मे अस्पताल चलाता हूं जिसकी मेरे पास कोई डिग्री नही है तथा मेरे द्वारा इमलाख उर्फ इमलाक उपरोक्त को BAMS की फर्जी डिग्री बनवाने हेतु 06 लाख रुपये दिये थे किन्तु अभी तक डिग्री उपलब्ध नही करायी गयी। बरामद विजिटिंग कार्ड पर लिखे Dr. V.K.GAUTAM (M.S.) के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि उसके पास कोई डिग्री नही है वह बिना डिग्री के अस्पताल चला रहा था। वहीं तीसरे अभियुक्त डा0 मंसूर उलहक द्वारा बताया गया कि मैने डा0 वी0के0 गौतम की फर्जी डिग्री बनवाने हेतु उनसे पैसे लिए थे तथा उनमे से अपना कमीशन लेकर बाकी पैसे डिग्री बनवाने हेतु इमलाख उर्फ इमलाक को दे दिये थे किन्तु इमलाख उर्फ इमलाक द्वारा अभी तक डिग्री उपलब्ध नही करायी गयी। मैं इमलाख उर्फ इमलाक व डा0 वी0के0 गौतम का आमना सामना कराये आया था कि तभी हम तीनों को पुलिस ने पकड लिया।


