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स्वामी कैलाशानंद गिरी के सानिध्य में जापान के छह संत बनेंगे निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर

हरिद्वार । जापान से आए श्रद्धालुओं ने श्री दक्षिण काली मंदिर में पूजा अर्चना की और निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज से आशीर्वाद लिया। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने जापान के महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी और महंत दर्शन भारती के नेतृत्व में हरिद्वार आए सभी श्रद्धालुओं का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया और मां की चुनरी और नारियल भंेंटकर आशीर्वाद प्रदान किया। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति है। सनातन ने ही हमेशा दुनिया का मार्गदर्शन करते हुए शांति और कल्याण का मार्ग दिखाया। आज पूरा विश्व सनातन को स्वीकार कर रहा है। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने बताया कि आने वाले समय में महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी के शिष्यों दाईसाकू नारीता, केन्ता इशियामा, हिरोकी ताकाहाशी, योशिमी मोरिया, मासाकी गोतो, ताकानोबू सोगा को तिलक चादर प्रदान कर निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर की पदवी प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभी को अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले में आने का निमंत्रण भी दिया। महंत दर्शन भारती ने कहा कि सनातन का परचम पूरे विश्व में फहरा रहा है। सनातन की अनूठी विशेषताओं और वसुधैव कुटंुबकम् की भावना से प्रभावित होकर पूरी दुनिया के लोग भारत की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरांओं का अपना रहे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी ने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज सनातन को पूरे विश्व में प्रचारित प्रसारित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान में सनातन को अपनाने वाले लोगों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने बताया कि जापान के संतों का 4 जुलाई को निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया जाना था। लेकिन अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज के नासिक में होने के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। जल्द ही पट्टाभिषेक समारोह की अगली तिथी तय कर सभी संतों को महामंडलेश्वर की पदवी प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी, स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी सहित जापान से आए हिरोकी ताकाहाशी, रिइको ताकाहाशी, कीइसुके सुगा, ताकानओबु सोगा, नोरिको मातसुओ, काया योशिया, सायाको किमुरा, योको इशिकावा, हितोमी चिकुगो, माना टिसुचिया, साओरी योशिओ, रिइका यानो, योको इगुची, योशिमी मोरिया, ची मासातोमी, हिरोको उडा, मिचिको कोइडो, मामी ओटसुका, आसमी तोयामा, केनटा इशियामा, दाइसाकु नारिता, दाइसुके तानी, मासाशी टिसुजिकावा, सेनि फुरूया, मासायुकी ताजिका, रियुसेन टिशिगावारा, मसाकी गोटो तथा रमेश शर्मा, हिमांशु, राहुल यादव, वासु कपिल आदि मौजूद रहे।

Taja Report
Author: Taja Report

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