मुजफ्फरनगर। एस डी कॉलेज ऑफ़ लॉ, मुज़फ्फरनगर द्वारा “नशाखोरी की समस्या पर” एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया I संगोष्ठी का प्रारम्भ कॉलेज निदेशक मंजू मल्होत्रा, कॉलेज प्राचार्या डॉ. रेणु गर्ग के द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वल्लन से किया इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मुकुल गुप्त ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम नशे से दूर रहे तथा इसे सामाजिक प्रतिष्ठा का विषय नही बनाए, वर्तमान समय में आज का सामाजिक परिवेश तनाव को जन्म देता है, जिस कारण हम किसी न किसी नशे का सहारा लेकर उसके शिकार हो जाते है और समाज में पारिवारिक विघटन, आर्थिक विषमता, वर्ग संघर्ष का जन्म हम सभी को एक ऐसे संकट में डाल देता है जिससे बाहर आना सम्भव नही है I अफीम, चरस, शराब आदि की खपत यह प्रमाणित करती है कि हम इसके उन्मूलन के लिए सजग नही है, इसके लिए हम सभी को प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में इसके दुष्परिणाम को सम्मलित करना चाहिए, जिससे छात्र- छात्रा के मन में नशे के प्रति नकारात्मक भाव आए, उन्होंने इस सन्दर्भ में विधिक प्रावधानों के महत्व को भी बताया I छात्रा मनु ने राष्ट्र ऑफिस ड्रग्स एंव क्राइम की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि नशे के सम्बन्ध में भारत की स्थिति चिंता जनक है और इसके लिए हम सभी के सामूहिक प्रयास से हम नशे की समस्या का समाधान कर सकते है, कवीन्द्र का कहना था कि हमारे विधिक प्रावधान इतने अधिक लचीले है कि इससे जुड़े लोगों के मन में क़ानूनी डर नही है, शेखर का कहना था कानून का डर अपराध करने से रोकता है अत: प्रशासन को इस सम्बन्ध में सक्रीय होना चाहिए I अनुज अनु और मोहित का मानना था कि नशाखोरी के विरुद्ध नुक्कड़ नाटकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है, हम सभी को नुक्कड़ नाटक का मंचन भी करना चाहिए, यश भवयांश और आशिक का कहना था कि नशा करने के अनेक कारण हो सकते है और इसके लिए परिवार के मानसिक सहयोग से नशा दूर किया जा सकता है I ध्रुव और दिक्षा ने इस बात का समर्थन किया कि नशे से दूर रहने के लिए हम सभी को संकल्प लेना होगा कि हम इससे दूर रहे तथा सरकारी और गैर सरकारी संगठन अधिक से अधिक पुनर्वास केंद्र का निर्माण करे जिसके माध्यम से हम इस समस्या से मुक्ति पा सके I भावना, साक्षी और एलीना ने सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश में यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है,अत: पुनर्वास केन्द्र गांवों में भी हो इसका प्रयास किया जाना चाहिए I वर्णिका, निशा और रवि ने भी कहा कि हम सभी का सामूहिक प्रयास ही इस समस्या का समाधान हो सकता है I
कॉलेज स्टाफ से डॉ. मुकुल गुप्त, डॉ. अमित चौहान, डॉ. प्रीति चौहान, छवि जैन, पूनम शर्मा, बीता गर्ग, डॉ. अभिनव गोयल, अनिता सिंह, प्रदीप सिंघल, संतोष शर्मा, अमित त्यागी, वैभव कश्यप, अमित भारद्वाज, प्रीती दीक्षित, विपुल कुमार, डॉ. दीपक मलिक, उमेशचंद त्रिपाठी, शुभम सिंघल एवं मोहम्मद आमिर आदि उपस्थित रहे


