मेरठ। अंगदवीर हत्याकांड में खुद मां ने ही आशिक को व्हाट्सएप कॉल कर बुलाने के बाद बेटे को उसे सौंपा था। डिलीट व्हाट्सअप चैट ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया है। पडौसी बताते हैं कि गुरप्रीत खुद को हीरोइन समझती थी और कम ही बात करती थी। आशिक को वह घर पर भी बुलाती थी और उसके साथ बाहर भी जाती थी।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गुरप्रीत वारदात के पहले और बाद में अपने आशिक अर्पित पाराशर के संपर्क में थी।अंगदवीर की हत्या के दस मिनट बाद ही अर्पित ने गुरप्रीत को व्हाट्सएप पर मैसेज कर बताया था कि काम हो गया है। गुरप्रीत ने मैसेज किया किसी ने देखा तो नहीं। इसके बाद लिखा कि पुलिस के हाथ फुटेज लग गई हैं अब नहीं बचोगे… कॉल मत करना। इसके बाद दोनों आरोपियों ने अपनी व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दी थी। सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि रिकवर व्हाट्सएप चैट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर गुरप्रीत कौर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। उसने वारदात की साजिश में शामिल होने का जुर्म कबूल किया है। आरोपियों की डिलीट की गई चैट रिकवर होने के बाद गुरप्रीत के साजिश में शामिल होने का पुख्ता साक्ष्य मिल गया। पूछताछ में सामने आया है कि मंगलवार को गुरप्रीत ने अर्पित पाराशर को व्हाट्सएप कॉल कर अपने घर के पास बताए स्थान पर बुलाया था। अर्पित के पहुंचने पर वह अपने बेटे अंगदवीर को लेकर घर से निकली और करीब 100 मीटर की दूरी पर कार लेकर खड़े अर्पित की ओर हाथ से इशारा कर अंगदवीर को यह कह कर उसके पास भेजा कि अंकल के साथ चला जा वह तुझे घड़ी और चॉकलेट दिलाकर लाएंगे। अंगदवीर को हत्यारोपी के साथ भेजकर गुरप्रीत अपने मायके नजीबाबाद दवा लेने चली गई थी। इसके बाद अंगदवीर की हत्या कर दी गई। पुलिस हिरासत में गुरप्रीत लंगड़ा कर चलती नजर आई।


