रामराज। पोते के गम में दादी जहां बुरी तरह से सकते में है, वहीं अंगदवीर की हत्या में उसकी मां की भूमिका संदिग्ध पाते हुए पुलिस मामले में उससे पूछताछ कर रही है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। घटनाक्रम से लग रहा है कि गुरप्रीत ने ही अपने आशिक के साथ मिलकर प्लानिंग तैयार की। अर्पित मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और छह माह पहले उसकी शादी भी हो चुकी है। अंगदवीर का उसके पिता गुरसेवक ने अंतिम संस्कार किया। गुरुवार दोपहर ही गुरसेवक सऊदी से मेरठ अपने घर लौटा। जहां बेटे की लाश देखकर गुरसेवक रो पड़ा। इस बीच गुरसेवक की तबियत भी बिगड़ गई। किसी तरह ग्रामीणों और घरवालों ने उसे संभाला। इसके बाद पिता ने अपने हाथों से बेटे की चिता को अग्नि दी। इसके बाद गुरसेवक की हालत अचानक बिगड़ गई उसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा।
गुरसेवक और गुरप्रीत का 7 साल का बेटा अंगदवीर अपनी दादी के पास पटियाला में रहता था। 5 दिन पहले वह दादी के साथ पटियाला से अपने गांव रामराज आया था। इसकी जानकारी अंगदवीर की मां गुरप्रीत को हुई, तो वह भी गांव आ गई। बोली कि बेटे के बिना अच्छा नहीं लगता। दादी ने कहा कि 2 साल से तो बेटे की सुध नहीं ली, अचानक ममता कहां से उमड़ आई। गुरप्रीत ने कहा कि वह डिप्रेशन में चली गई है। उसने कहा- मुझे बेटे के साथ कुछ दिन रहने दीजिए। जब वह गिड़गिड़ाई तो दादी ने उसे रहने की इजाजत दे दी। पुलिस के मुताबिक, 15 जून को गुरप्रीत अपने बॉयफ्रेंड अर्पित के साथ अंगदवीर को बेकरी ले गई। वहां उसने अंगदवीर की अपने बॉयफ्रेंड अर्पित से दोस्ती कराई। तीनों ने वहां खाया-पिया और फिर चले गए। अगले दिन अर्पित ने अंगदवीर की हत्या कर दी। 16 जून यानी मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अंगदवीर घर के बाहर खेलते समय गायब हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि उस दिन घर में दादी बलजिंदर नहीं थीं। मां गुरप्रीत और बेटा अंगदवीर घर पर अकेले थे। बलजिंदर को डॉक्टर के यहां चेकअप के लिए जाना था। उन्होंने पोते अंगदवीर को साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन गुरप्रीत ने बेटे को दादी के साथ नहीं भेजा। जैसे ही बलजिंदर घर से निकलीं, थोड़ी देर बाद मां ने अंगदवीर को बाहर खेलने भेज दिया। तभी घर के बाहर सफेद रंग की कार आकर रुकी, जिसमें आरोपी अर्पित था। उसने अंगदवीर से हाय-हैलो किया और उसे कार में बैठा लिया। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। इसके बाद उसने बच्चे की हत्या कर दी गई।
- हत्या के बाद अर्पित घर पहुंचा, नहाया और पत्नी गौरी के साथ फलावदा के गड़ीना गांव में मोहनराम के यहां देवी जागरण में चला गया। अर्पित पूरी तरह आश्वस्त था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस उस तक पहुंच गई। सर्विलांस टीम ने देवी जागरण से ही आरोपी अर्पित को पकड़ लिया। आरोपी अर्पित ने पूछताछ में बताया कि उसने अंगदवीर को नशीली चीज दी थी, लेकिन उसे उल्टी हो गई। इसके बाद वह उसे कार से करीब 20 किमी दूर जंगल में ले गया और चाकू से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। अंगदवीर की दादी बलजिंदर ने बताया कि इसी महीने के आखिर में वह अपने पोते के साथ पटियाला शिफ्ट होने वाली थीं। गांव छोड़ने की तैयारी चल रही थी। शिफ्टिंग के कारण ही 5 दिन पहले अंगदवीर पटियाला से मेरठ आया था। पड़ोसियों ने बताया कि गुरप्रीत का सपना विदेश में जाकर रहने का था। इसलिए वह इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम की तैयारी कर रही थी, ताकि सिंगापुर जाकर पढ़ाई और नौकरी कर सके। जब गुरप्रीत बहसूमा के एम्बीशन स्कूल में टीचर थी, तब अर्पित उसी स्कूल में क्लर्क था। वहीं से दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं। इंस्टाग्राम पर चैटिंग और बात शुरू हो गई। उस समय अर्पित की शादी नहीं हुई थी। बाद में गुरप्रीत हापुड़ चली गई। कुछ समय बाद अर्पित की शादी हो गई। जब उसके पति को दोनों के अफेयर की जानकारी हुई, तो उसने गुरप्रीत का वहां पढ़ाना बंद करा दिया।


