मुजफ्फरनगर। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित ऋषिकेश लक्ष्मण झुला के श्री सच्चा प्रकाश आश्रम एवं वेद विद्यालय में आयोजित सात दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को पूर्ण विधि-विधान और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस धार्मिक महोत्सव के पहले दिन साधु-संतों, महापुरुषों सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ भाग लिया। पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारों से गुंजायमान हो उठा है।
महायज्ञ के मुख्य अनुष्ठान से पूर्व सुबह-सवेरे आश्रम परिसर से एक मनोहारी एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं। यह यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और पीठों से होते हुए पवित्र गंगा घाट पर पहुंची। गंगा तट पर मुख्य वेदाचार्य आकाश तिवारी ने वैदिक रीती-रिवाजों के बीच विधि-विधान से मां गंगा और कलश का पूजन संपन्न कराया। इसके पश्चात, श्रद्धालु पवित्र जल लेकर पुनः आश्रम लौटे, जहां मुख्य यज्ञ वेदी का शुद्धिकरण और पूजन कर महायज्ञ की वेदी में आहुतियां डालने का क्रम शुरू हुआ।आश्रम की संचालिका साध्वी पूजा ने बताया कि यह महायज्ञ अत्यंत विशिष्ट है। देश के विख्यात केंद्रों से आए 21 श्रेष्ठ वैदिक विद्वान आचार्यों द्वारा उच्चकोटि के मंत्रोच्चार के साथ यह अनुष्ठान आरंभ कराया गया है। इस सात दिवसीय कार्यक्रम में स्थानीय क्षेत्र के अलावा मुंबई, प्रयागराज, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से सैकड़ों श्रद्धालु धर्मलाभ उठाने और आहुति देने शुकतीर्थ पहुंचे हैं।कलश यात्रा और यज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर तीर्थ नगरी के प्रतिष्ठित संतों ने शिरकत की। हनुमंतधाम के पीठाधीश्वर स्वामी विज्ञानंद महाराज ने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि ऐसे महान धार्मिक आयोजनों से समाज में लुप्त हो रही आध्यात्मिक चेतना का पुनः प्रसार होता है और अशांत मानव मन को आंतरिक शांति प्राप्त होती है। वहीं, तिलकधारी आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी विष्णुदत्त महाराज ने महायज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री शतचंडी महायज्ञ से पूरे क्षेत्र और समाज में सुख, शांति, समृद्धि का वास होता है और इससे जनकल्याण की भावना को बल मिलता है।इस पावन अवसर पर मुख्य रूप से उपाचार्य अनिल भारद्वाज, हिमांशु आचार्य, अनिल कुमार सहित शुकतीर्थ के अनेक पूज्य संत-महात्मा, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आश्रम प्रबंधन के अनुसार, आगामी सात दिनों तक यहाँ सुबह और शाम के सत्रों में विशेष आहुतियां, प्रवचन और भंडारे का आयोजन निरंतर जारी रहेगा।


