मुज़फ्फरनगर। थाना नई मंडी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भरतिया कॉलोनी (कम्बलवाला बाग) में खुद को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) भानू का नेता बताने वाले एक रसूखदार दबंग ने पुलिसकर्मियों को साथ लेकर एक अकेली महिला के घर पर धावा बोल दिया। दबंगों ने महिला की 8 साल की मासूम बच्ची के सामने सरेआम गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करते हुए एक हफ्ते के भीतर घर खाली न करने पर माँ-बेटी दोनों की लाश गायब करने की रोंगटे खड़े कर देने वाली धमकी दी है। इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि दबंगों ने “पुलिस भी हम और अदालत भी हम” चिल्लाते हुए देश की न्यायपालिका का खुलेआम मज़ाक उड़ाया। पीड़िता ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और एसएसपी मुज़फ्फरनगर को शिकायती पत्र सौंपकर अपनी व बेटी की जान-माल की सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
प्रेस को जारी शिकायती पत्र के अनुसार, नई मंडी क्षेत्र की भरतिया कॉलोनी निवासी पीड़िता भावना वर्मा पत्नी शशांक वर्मा ने बताया कि गत 7 जून 2026 की शाम करीब 4.30 बजे वह अपनी आठ वर्षीय मासूम पुत्री के साथ घर के भीतर बैठी हुई थी। इसी दौरान भरतिया कॉलोनी निवासी अर्पित अग्रवाल, जो खुद को भाकियू भानू का जिला प्रभारी बताता है, अपने साथ 10-15 अज्ञात लोगों को लेकर जबरन उसके घर में घुस आया। भावना का आरोप है कि इन हमलावरों के साथ नीतू नाम की महिला सहित खाकी वर्दी को दागदार करते हुए दो पुलिस कांस्टेबल और दो महिला सिपाही भी शामिल थीं। घर में दाखिल होते ही सभी आरोपियों ने भावना को गंदी-गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं और धक्का-मुक्की करने लगे, जिससे उसकी छोटी बच्ची बुरी तरह डरकर जोर-जोर से रोने लगी।
‘ पीड़िता भावना वर्मा ने बताया कि जब उन्होंने आरोपियों को कानून का हवाला देते हुए कहा कि वह अपने पति के साथ इसी घर में रहती हैं और उनके ससुरालियों के खिलाफ घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-दो मुजफ्फरनगर में परिवाद संख्या-89/2025 का मुकदमा लंबित है, तो आरोपी अर्पित अग्रवाल और उसके साथी बुरी तरह आग-बबूला हो गए। आरोपियों ने तमतमाते हुए चिल्लाकर कहा कि हमने जिस मामले में दखल दे दिया, वहाँ न किसी कोर्ट की चलती है और न पुलिस की; पुलिस भी हम हैं और अदालत भी हम हैं। इस पूरी वारदात के दौरान भावना की सास ऊषा रानी और ससुर राजकुमार वर्मा (निवासी अमित विहार, बाबा बालकनाथ मंदिर के पास, कूकड़ा, नई मंडी) भी दबंगों के साथ मौके पर खड़े होकर अपनी बहू को धमका रहे थे।
पीड़िता ने रोते हुए बताया कि आरोपियों ने उसे अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक हफ्ते के भीतर मकान खाली नहीं किया, तो उसका पूरा सामान डीसीएम गाड़ी में भरकर फेंक दिया जाएगा और माँ-बेटी को यहाँ से उठाकर गायब कर दिया जाएगा, जिसका सुराग भी किसी को नहीं मिलेगा। खौफजदा भावना ने बताया कि घटना के समय उन्होंने अपनी सूझबूझ से मोबाइल फोन के जरिए पूरी वारदात का लाइव वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था, जिसे वह जांच अधिकारी को सौंपने के लिए तैयार हैं।
मंगलवार को भावना वर्मा ने इस मामले में अर्पित अग्रवाल, नीतू, सास ऊषा रानी, ससुर राजकुमार वर्मा और वर्दीधारी सिपाहियों समेत 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई है। इस घटना ने एक तरफ महिला सुरक्षा और दूसरी तरफ खाकी व किसान नेताओं की साठगांठ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे पूरे जनपद के प्रशासनिक गलियारों में खलबली मची हुई है।


