मुजफ्फरनगर । पत्नी को प्रेमी के साथ हमबिस्तर देखकर गंडासे से महिला की हत्या कर आपराधिक षडयंत्र से दुर्घटना का रुप देने वाले फौजी पति समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर आलाकत्ल बरामद किया है।
थाना मीरापुर पुलिस द्वारा 10 अप्रैल को हत्या कर आपराधिक षडयंत्र से दुर्घटना का रुप देने वाले अभियोग का सफल अनावरण करते हुए 3 अभियुक्तगण को कासमपुर खोला ककरौली रोड से गिरफ्तार किया गया । अभियुक्तगण की निशादेही से आलाकत्ल कपडे धोने वाली थपकी, खून से लगे गद्दे व बैडशीट व दुप्पटे की जली हुई राख आदि बरामद की गयी । अभियुक्तगण की गिरफ्तारी एवं बरामदगी के सम्बन्ध में थाना मीरापुर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है । तीन अप्रैल को को वादी द्वारा थाना मीरापुर पुलिस को तहरीर देकर अवगत कराया कि मनोज उर्फ मोनू फौजी निवासी कासमपुर खोला थाना मीरापुर, मुजफ्फरनगर अपने पत्नि को दवाई दिलाने जा रहा था तभी वीआईटी रोड पर अज्ञात वाहन द्वारा मोटर साईकिल को टक्कर मार दी गई जिसमें मनोज की पत्नि की मृत्यु हो गई एवं मनोज आर्मी हास्पीटल में उपचाराधीन हैं। इस सम्बन्ध में थाना मीरापुर पर दुर्घटना का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा गहनता से जॉच की गई। सीसीटीवी कैमरो को चेंक किया गया, विभिन्न लोगो के बयान दर्ज किये गये एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट की गहनता से जॉच की गई तो ज्ञात हुआ कि यह सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। जिसके सम्बन्ध में दिनांक 07.04.2024 को थाना मीरापुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0- 61/2024 धारा 302, 201, 120बी भादवि पंजीकृत किया गया तथा उच्चाधिकारीगण द्वारा घटना को गम्भीरता से लेते हुए अभियुक्तगण की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन किया गया था। गठित टीन द्वारा आज दिनांक 10.04.2024 को 03 अभियुक्तगण को आलाकत्ल सहित गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में मनोज उर्फ मोनू (फौजी) पुत्र अजब सिंह, अजब सिंह पुत्र मंगलू और बाबूराम पुत्र मंगलू निवासी कासमपुर खोला थाना मीरापुर शामिल हैं। प्रारम्भिक पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त मनोज उर्फ मोनू (फौजी) उपरोक्त द्वारा बताया गया कि वह वर्ष 2014 सेना में कान्सटेबल के पद पर भर्ती हुआ था वर्तमान में टेंगा बीरपुर अरुणाचल प्रदेश में तैनात है। मेरी शादी वर्ष 2017 में आकांक्षा उर्फ पूजा पुत्री सुभाष निवासी मीवा थाना मवाना जिला मेरठ से हुई थी जिससे 02 बच्चे है। शादी होने के कुछ समय पश्चात मेरी पत्नि मेरे परिवारवालों के साथ रूखा व्यवहार करने लगी तथा अपना ज्यादातर समय एकांत में रहकर फोन पर बात करने मे व्यतीत करती थी। यह पूछने पर कि वह किससे बात करती है मेरी पत्नि मेरे घर वालो से विवाद करती थी। मैं 34 दिवस की छुट्टी आया था दिनांक 02.04.2024 को मेरी छुट्टी खत्म हो रही थी परन्तु मेरे द्वारा योजना के मुताबिक अपनी रेजीमेन्ट में फोन करके झूठ बोला कि मेरी पत्नि को हार्ट अटैक हुआ है जो सीरियस है जिस कारण मेरी छुट्टी बढ गई। दिनांक 02.04.2024 को मैं अपनी पत्नी पूजा को लेकर उसके घर गया था जिससे सबको ऐसा लगे कि दोनो पति पत्नी के सम्बन्ध अच्छे है। वही पर मैने देखा कि मेरी पत्नि एक कमरे में एक व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थति में थी। शाम के समय हम लोग अपने घर आ गये घर आकर मैने अपनी पत्नि से इस सम्बन्ध में पूछा तो उसने बताया कि वह उस लडके से बचपन से प्यार करती है तथा उसी से शादी करना चाहती थी परन्तु घर वालो ने तुम्हारे साथ शादी कर दी। सम्पूर्ण प्रकरण मैने अपने माता-पिता व चाचा बाबूराम को बताया तथा अपनी पत्नि की हत्या की योजना बनाई। रात्रि के समय जब मेरी पत्नि उठी तो मैने उसके सर पर कपडे धोने वाली थपकी से वार किये जिससे वह लहुलुहान होकर गिर गई। मेरे घर वालों द्वारा मेरी पत्नि के सर पर चुन्नी व कपडे लपेट दिये जिससे खून फर्स पर ना बहे। मैने अपनी मोटर साईकिल के बीच में अपनी पत्नि का शव रखा तथा चाचा बाबूराम शव को पकडकर पीछे बैठ गये और हम लोग मोटर साईकिल से वीआईटी वाली रोड पर आये तथा शव को झाड़ियों के किनारे डाल दिया। योजना के तहत मैने अपने बहनोई लवकुश को फोन करके बताया कि मैं पूजा को दवाई दिलवाने मोटर साईकिल से जा रहा था हमारा एक्सीडेन्ट हो गया जल्दी अपनी गाडी लेकर आ जाओ। फिर मैं और चाचा शव को वही छोडकर वापस गांव आये तथा घर पर खडे ट्रैक्टर को लेकर वापस वाआईटी रोड पर पहुचें सडक दुर्घटना बनाने के लिए पहले हमने पूजा के सर पर ट्रैक्ट्रर का पहिया चढाया औऱ ट्रैक्टर से ही मोटर साईकिल को छतिग्रस्त किया जिससे ऐसा प्रतीत हो कि किसी वाहन ने मोटर साईकिल को पीछे से टक्कर मारी है एंव टक्कर वाली जगह पर पूजा की चूडियों के टुकडे डाल दिये। उसके पश्चात हम लोग ट्रैक्टर को वापस घर छोडकर आ गये। इतनी देर में मेरे बहनोई लवकुश गाडी लेकर आ गये तथा पूजा के शव को पीछे की सीट पर रखकर चल दिये। योजना के अनुसार मेंरे घर वाले एम्बुलेंस लेकर आ गये तथा हमारे द्वारा शव को एंम्बुलेस में रखकर कस्बा मीरापुर में स्थित क्लीनिक पर पहुचे तो डाक्टर द्वारा बताया कि मेरी पत्नि की मृत्यु हो चुकी है। मेरे द्वारा बहाना बनाते हुए सांस लेने में दिक्कत की बात कही गई तथा खुद को अथर हास्पीटल में भर्ती करवा लिया गया जहा मेरा एक्सरे व अन्य रूटीम चेकअप हुए जिसमें कोई चोट नही आई। एक अन्य हास्पीटल में जाने के उपरान्त मे वहा से रेफर होकर आर्मी हास्पीटल चला गया। वहा से भी बिना डिसचार्ज हुए वापस घर आ गया तथा पुलिस से बचने के लिए अपने चाचा व पिता को लेकर मुजफ्फरनगर जा रहा था तभी मुझे पुलिस ने पकड लिया।


