मुजफ्फरनगर। राजेंद्र सैनी हत्याकांड में 8 साल बाद फैसला आ गया। कोर्ट ने दो दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
अवैध संबंधों के शक में 2018 में राजेंद्र सैनी की हत्या की गई थी। हत्या के बाद शव को जलाकर छिपाने की कोशिश की गई थी। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट-03 ने गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने कहा— “जुर्म करते हुए व्यक्ति को डर होना चाहिए”। दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।पांच जून 2018 को मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी गांव के जंगल में एक जला हुआ शव बरामद होने के बाद मेरठ जनपद के बहसूमा क्षेत्र स्थित मौड़ कलां गांव निवासी महावीर की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। उसकी पहचान ककरौली निवासी 26 वर्षीय राजेंद्र सैनी के रूप में हुई। मृतक के भाई जयविंद्र की तहरीर पर ककरौली निवासी वीरसैन तथा बहसूमा क्षेत्र के मोहम्मदपुर निवासी गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि वीरसैन को संदेह था कि राजेंद्र सैनी उसकी पत्नी से बातचीत करता है। इसी शक के चलते आरोपियों ने चार जून 2018 को राजेंद्र को बहाने से अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गए और उसकी हत्या कर दी।


