मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित इंडियन हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराई गई एक गर्भवती महिला की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने और नवजात की मौत के मामले में परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इंडियन हॉस्पिटल की DVR व दस्तावेज सील कर जांच शुरू कर दी गई है। हिंदू संगठन के लोग हॉस्पिटल के गेट पर धरने पर बैठ गए।
सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व रात लगभग 2 बजे प्रसव पीड़ा होने पर एक गर्भवती महिला को इंडियन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों ने ऑपरेशन के माध्यम से डिलीवरी कराई, लेकिन ऑपरेशन के बाद महिला का अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन समय रहते महिला को उचित उपचार देने में विफल रहा, जिसके चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। जब महिला की स्थिति बेहद गंभीर हो गई तो अस्पताल प्रशासन ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उपचार के दौरान नवजात की मौत हो गई, जबकि महिला का खून बहना अभी भी जारी है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
रुड़की रोड स्थित इंडियन हॉस्पिटल में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर सील कर दिए। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि तहसील दिवस के दौरान अस्पताल से संबंधित शिकायतें और गुप्त सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डॉ. महक सिंह और डॉ. अजय की संयुक्त जांच टीम का गठन कर अस्पताल भेजा गया। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन, डॉक्टरों की तैनाती, रिकॉर्ड रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं में कई गंभीर कमियां एवं अनियमितताएं सामने आई हैं। अधिकारियों को प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर अस्पताल की गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद टीम ने अस्पताल का डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख अपने कब्जे में लेकर सील कर दिए। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी एवं दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में इसी अस्पताल में एक प्रसूता की हालत बिगड़ने और नवजात की मौत का मामला भी चर्चा में रहा है, जिसके बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हुए थे। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को उसी क्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


