Skip to main content

TR NEWS UP-UK

पूर्व राज्य मंत्री महेश बंसल ने परिवार सहित शिव चौक पहुंचकर की पुष्पवर्षा

मुजफ्फरनगर। भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहां अतिथि और श्रद्धालु की सेवा को भी ईश्वर सेवा का स्वरूप माना जाता है। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या, अनुशासन और अटूट विश्वास का अद्भुत संगम है। कंधे पर कांवड़ उठाकर सैकड़ों किलोमीटर की कठिन यात्रा तय करने वाले शिवभक्त केवल यात्री नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास के दूत हैं।

यह भाव पूर्व राज्य मंत्री महेश बंसल ने कांवड़ यात्रा के दौरान परिवार सहित शिव चौक पहुंचकर शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने शिव मूर्ति की परिक्रमा कर रहे कांवड़ियों का श्रद्धाभाव से स्वागत किया और उन्हें फल वितरित किए। शिवभक्तों के बीच पहुंचकर उन्होंने उनकी यात्रा के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की। महेश बंसल ने कहा कि तपती गर्मी हो, तेज बारिश हो या फिर शरीर को थका देने वाली लंबी यात्रा—शिवभक्त हर परिस्थिति का सामना करते हुए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहते हैं। पैरों में छाले और शरीर में थकान भले ही हो, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था और मन में बसा विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देता है। रास्ते में गूंजता “बोल बम” का जयघोष उनके भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा हमें त्याग, संयम, अनुशासन और समर्पण का संदेश देती है। शिवभक्तों की सेवा करना और उनकी यात्रा को सुगम बनाने में सहयोग देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी शिवभक्तों की यात्रा मंगलमय होने तथा भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।इस अवसर पर उनकी पत्नी डौली बंसल, पुत्र सहित परिवार के अन्य सदस्य एवं समर्थक मौजूद रहे। साथ में पत्नी श्रीमती डॉली बंसल, देवांश, अमीश विनय गोयल, मेघा गोयल, राजेश्वरी देवी, प्रदीप गुप्ता आदि न कावडियो पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया है एवं फल वितरित किए।

Taja Report
Author: Taja Report

Advertisements
Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *