मुजफ्फरनगर। किसानों को सरकारी अनुदान पर उपलब्ध कराई जाने वाली यूरिया खाद को अवैध रूप से खरीदकर यमुना नगर, हरियाणा में रखकर आगे ऊचे दामो पर फैक्टरियों में भेजा किया जाता था। विगत 06 माह में इस गिरोह द्वारा लगभग 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी किए जाने का खुलासा हुआ है। थाना जानसठ पुलिस एवं एसओजी देहात की संयुक्त कार्रवाई में खाद की कालाबाजारी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 08 अभियुक्त गिरफ्तार। अभियुक्तों के कब्जे से कुल 454 कट्टे(20,430 किलोग्राम) अनुदानित यूरिया, 02 पिकअप, 01 कैंटर, 01 कार तथा फर्जी बिल (अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रूपये) बरामद किए गए हैं।
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि रात्रि को थाना जानसठ पुलिस टीम द्वारा कवाल पुल की नीचे चेकिंग की जा रही थी । इसी दौरान एसओजी देहात टीम द्वारा मौके पर अवगत कराया गया कि मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई है कि 01 सफेद रंग की औरा गाड़ी जिसमें 02 व्यक्ति सवार हैं जो उनके पीछे चल रही 03 अन्य गाड़ियों, जिनमें कालाबाजारी करके लाया गया किसानों का अनुदानित यूरिया भरा है, को आगे-आगे चल कर स्थिति से अवगत करा रहे हैं । इस सूचना पर थाना जानसठ पुलिस टीम द्वारा जिला कृषि अधिकारी श्री राहुल तेवतिया को सूचित कर मौके पर आने हेतु अनुरोध किया गया तथा थाना जानसठ पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर के बताए स्थान कवाल पुल से पहले जानसठ की तरफ हाईवे पर बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरु कर दी गयी । कुछ समय पश्चात जानसठ की तरफे से एक सफेद रंग की औरा गाड़ी आती दिखाई दी जिसके पीछे कुछ दूरी पर 01 कैंटर व 02 पिकअप गाड़िया चल रही थीं । नजदीक आने पर पुलिस टीम द्वारा चारों गाड़ियों को बैरियर लगा कर रोक लिया तथा एक बारगी दबिश देकर चारों गाड़ियों में सवार 05 व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया। वाहनों की तलाशी लेने पर औरा गाड़ी से 04 कट्टे, कैंटर से 350 कट्टे तथा दोनो पिकअप गाड़ियों से 100 कट्टे अनुदानित यूरिया बरामद किया गया । पकड़े गए व्यक्तियों द्वारा बरामद यूरिया के सम्बन्ध में 03 बिल दिखाए गए जिन्हें जिला कृषि अधिकारी द्वारा जांचोपरान्त फर्जी बताया गया ।
*गिरफ्तार अभियुक्तगण का नाम व पता-*
*1.* तनवीर तेली पुत्र रफीक अहमद निवासी पडौली रोड, नागल थाना नागल, सहारनपुर ।
*2.* राहिल राणा पुत्र अशरफ निवासी दौलतपुर थाना सदर, यमुनानगर, हरियाणा ।
*3.* रियासत पुत्र करामत अली निवासी चैंदाहेड़ी थाना देवबंद, सहारनपुर ।
*4.* मोहित पुत्र रामशरण निवासी तिगरा थाना सदर, यमुनानगर, हरियाणा ।
*5.* मनीष पुत्र पृथ्वी सिंह निवासी सादीपुर थाना सदर, यमुनानगर, हरियाणा ।
*6.* सौरभ उर्फ हिमांशु पुत्र राकेश निवासी नेहरु चौक भौकरहेड़ी थाना भोपा, मुजफ्फरनगर ।
*7.* रोहन उर्फ प्रियांशु पुत्र संजय कुमार निवासी नगला लक्खूपुरा, दक्षिणी भौकरहेड़ी थाना भोपा, मुजफ्फरनगर ।
*8.* सूर्य प्रताप उर्फ तुषार पुत्र रामकुमार निवासी मजलिसफुर तौफीर थाना भोपा, मुजफ्फरनगर ।
*बरामदगी का विवरण-*
➡ 350 कट्टे अनुदानित यूरिया H.U.R.L. मार्का
➡ 103 कट्टे अनुदानित यूरिया KRIBHCO मार्का
➡ 01 कट्टा अनुदानित यूरिया R.C.F मार्का
(बरामद कुल यूरिया का वजन 20.43 हजार किलोग्राम)
➡ 01 ह्युंडई औरा कार नं0 UP 11 DT 1255 (घटना में प्रयुक्त)
➡ 01 कैंटर UP 11 CT 4917 (घटना में प्रयुक्त)
➡ 01 पिकअप गाड़ी HR 58 B 2305 (घटना में प्रयुक्त)
➡ 01 पिकअप गाड़ी HR 58 D 5430 (घटना में प्रयुक्त)
*पंजीकृत अभियोग का विवरण-*
*1.* मु0अ0सं0-80/2026 धारा-318(4),336(3),338,340(2),61(2) बीएनएस व 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम थाना जानसठ, मुजफ्फरनगर।
अभियुक्तगण के विस्तृत आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
अभियुक्तगण का एक संगठित गिरोह है । अभियुक्तगण किसानो के लिए अनुदानित यूरिया को अवैध तरीके से 1. सौरभ उर्फ हिमांशु पुत्र राकेश निवासी नेहरु चौक भौकरहेड़ी थाना भोपा, मुजफ्फरनगर , 2. रोहन उर्फ प्रियांशु पुत्र संजय कुमार निवासी नगला लक्खूपुरा, दक्षिणी भौकरहेड़ी थाना भोपा, मुजफ्फरनगर व 3.सूर्य प्रताप उर्फ तुषार पुत्र रामकुमार निवासी मजलिसफुर तौफीर थाना भोपा, मुजफ्फरनगर की खाद की दुकान से निर्धारित दाम से अधिक दाम में खरीदते थे।
*3.* अभियुक्तगण पुलिस से बचने के लिए मालवाहक वाहनों के आगे औरा गाडी लगाकर रैकी कराते थे।
*4.* रास्ते में कोई परेशानी न हो इसके लिए फर्जी बिल भी इन्हीं दुकानदारों से बनवा लेते थे।
*5.* एक अन्य साथी संजय निवासी कानो वाली रायसी लक्सर, हरिद्वार भी अभियुक्तगण के साथ काम करता है जो आज नहीं आया था।
*6.* खाद बेचकर जो भी मुनाफा होता था उसे सभी लोग काम के हिसाब से आपस में बांट लेते थे।
पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि प्लाईबुड फैक्टरियों मे ग्लू बनाने के लिए इण्डस्ट्रिीयल टेक्निकल ग्रेड-1 यूरिया का प्रयोग किया जाता है जिससे बने ग्लू का ग्रेड-1 यूरिया का 80-100 रूपये प्रति किलोग्राम खर्चा आता है। जबकि किसानो का आवंटित यूरिया से ग्लू बनाने का खर्चा 5-6 रूपये प्रति किलोग्राम पडता है। इसलिए प्लाईवुड फैक्ट्रिीयो में इसकी बहुत मांग ज्यादा होती है। जिसके चलते यूरिया की कालाबाजारी की जा रही थी। अभियुक्तगण द्वारा विगत 06 माह में लगभग 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजी की जानकारी हुई है । जिसमें से 20.43 हजार किलोग्राम यूरिया थाना जानसठ पुलिस द्वारा बरामद किया गया है । पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तगण से पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आए अन्य अभियुक्तगण 1. सौरभ उर्फ हिमांशु , 2. रोहन उर्फ प्रियांशु व 3. सूर्य प्रताप उर्फ तुषार पुत्र रामकुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।
उक्त सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर महोदय द्वारा उत्साहवर्धन हेतु 25,000/- रुपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।


