मुजफ्फरनगर। दी गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन यह स्पष्ट करना चाहती है कि सहायक रजिस्ट्रार द्वारा पारित आदेश में चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता का उल्लेख नहीं किया गया है। आदेश का मुख्य आधार केवल यह है कि चुनाव 31 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए संपन्न हुए, जबकि कार्यालय द्वारा 21 सदस्यीय कार्यकारिणी को मान्यता दी गई है।
संस्था का स्पष्ट पक्ष है कि वर्ष 2008 की आम सभा में सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से कार्यकारिणी की संख्या 21 से बढ़ाकर 31 करने तथा चुनाव प्रत्येक 1 वर्ष के स्थान पर प्रत्येक 2 वर्ष में कराए जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। उसी निर्णय के अनुरूप पिछले कई वर्षों से प्रत्येक दो वर्ष में नियमित रूप से चुनाव होते आए हैं। विपक्ष से जुड़े सदस्य भी वर्षों तक इसी प्रक्रिया के अंतर्गत चुनाव लड़ते रहे तथा उसका पालन करते रहे हैं।
वर्ष 2024 से पूर्व जब कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से होता था तथा दोनों पक्षों को समान प्रतिनिधित्व दिया जाता था, तब किसी प्रकार की कोई आपत्ति या शिकायत नहीं उठाई गई। किंतु जब चुनाव मतपत्र (बैलेट पेपर) के माध्यम से निष्पक्ष एवं लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न कराए गए, तब बाजार के सम्मानित सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए अपना स्पष्ट जनादेश दिया। ऐसी शिकायतें केवल संस्था की छवि को धूमिल करने का प्रयास नहीं हैं, बल्कि उन सम्मानित व्यापारियों के जनादेश का भी अनादर हैं, जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपनी कार्यकारिणी का चुनाव किया।
लगातार चुनावी पराजय के बाद कुछ लोग जनादेश को स्वीकार करने के बजाय शिकायतों के माध्यम से संस्था एवं पूरे बाजार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। संस्था को विश्वास है कि सत्य एवं तथ्य अंततः सभी के सामने आएंगे।
यह जानकारी संजय मित्तल अध्यक्ष, अंकित गर्ग महामंत्री ने दी है।


