मुजफ्फरनगर। बुढाना की उन्नति ने मेरठ के प्रेमी आकाश के साथ मिलकर मां सरिता को मार डाला। सिर कटी लाश को उत्तराखंड के मंगलौर में फेंक दिया। दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
मेरठ में सौतेली बेटी उन्नति ने अपने प्रेमी आशीष चौहान संग मिलकर मां की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की थी। दोनों ने सिर धड से अलगकर महिला की हत्या के बाद लाश को 100 किमी दूर रुड़की की मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के पास नहर के पास फेंक दिया। मंगलवार को गंगनहर पुल के पास रुड़की में आते-जाते लोगों ने महिला की अज्ञात लाश बोरी में पड़ी देखी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। वहीं फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर सुबूत जुटाए । तफ्तीश में पता चला कि लाश मेरठ की 40 साल की महिला की है। जांच में पता चला कि महिला की हत्या उसकी सौतेली बेटी उन्नति ने प्रेमी आशीष के साथ मिलकर की है। पुलिस अन्य जानकारी जुटा रही है। उन्नति मुजफ्फरनगर के बुढाना के औली माजरा की रहने वाली है।महिला की पहचान बुढाना निवासी कविता पत्नी अरविंद के रूप में हुई। जांच में शक के बाद उसकी बेटी उन्नति व उसके आशिक को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि बेटी उन्नति और मेरठ निवासी उसका प्रेमी आशीष दोनों 11वीं क्लास से स्कूल में साथ पढ़ते थे। फिलहाल दोनों लोग दिल्ली के नर्सिंग कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। लगभग एक महीना पहले आकाश अपना रिश्ता लेकर उन्नति के घर गया था। तब कविता ने इस रिश्ते से इंकार कर दिया। क्योंकि दोनों की बिरादरी अलग है। उसे दोनों का अफेयर भी पसंद नहीं था। इसी बात से दोनों कविता से नाराज थे। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी हत्या का प्लान बनाया। लगभग 15 दिन पहले उन्नति मेरठ घर आई । 10 दिन पहले आकाश भी मेरठ आ गया। दोनों फोन पर बात करते रहे। 17 अगस्त को आकाश, उन्नति कविता को बरेली मनोनानाथ मंदिर में दर्शन कराने के बहाने सुबह-सुबह घर से लेकर गए। जब शाम तक भी कविता वापस नहीं लौटी तो पति अरविंद ने उसे कॉल किया। उसका फोन बंद था। अरविंद ने बेटी उन्नति को कॉल किया। तो उसने बताया कि मां हमारे साथ है हम उनको मंदिर लेकर जा रहे हैं। दोनों ने कविता को कार में बैठाया। आकाश एक दिन पहले ही दिल्ली से अपने दोस्त की कार मांगकर लाया था। रास्ते में कविता की गर्दन काटकर हत्या के बाद शव को मंगलोर के पास नहर में डालने ले गए। इसके बाद हरिद्वार जाकर उन्होंने मॉल से नये कपडे खरीदे और अपने खून लगे कपडे वहीं फेंक दिए। मामले का खुलासा होने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। शव का बुढाना के गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

