लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 12 निजी तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों में अब नए छात्रों का दाखिला नहीं होगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए इन संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने यानी प्रोग्रेसिव क्लोजर की मंजूरी दे दी है। परिषद के इस फैसले के बाद संबंधित कॉलेजों में नए प्रवेश पूरी तरह रोक दिए जाएंगे।हालांकि, इन संस्थानों में पहले से पढ़ाई कर रहे छात्रों की शिक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। AICTE ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मौजूदा विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी होने तक संस्थानों को सभी शैक्षणिक सुविधाएं, फैकल्टी और जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध करानी होंगी। छात्रों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।AICTE द्वारा जारी सूची में आगरा, गाजियाबाद, बरेली, कानपुर नगर, वाराणसी, सहारनपुर, मथुरा और मेरठ के निजी तकनीकी व प्रबंधन संस्थान शामिल हैं। इनमें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेज भी हैं। प्रमुख संस्थानों में गाजियाबाद का डॉ. केएन मोदी इंजीनियरिंग कॉलेज, वाराणसी का काशी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस, कानपुर का कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन और सहारनपुर का कृष्णा कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट शामिल हैं।इसके अलावा मेरठ के विद्या समूह के तीन संस्थानों को भी प्रोग्रेसिव क्लोजर की अनुमति दी गई है। AICTE ने यह भी साफ किया है कि संस्थानों के बंद होने की प्रक्रिया चरणबद्ध होगी, ताकि पहले से नामांकित छात्रों की पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित न हों। परिषद के इस फैसले को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है।


