मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपने भारत में बंग्लादेश बनाने के बयान को लेकर सफाई पेश की और सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयान को गलत ढंग से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
हाल ही में किसान नेता राकेश टिकैत ने मेरठ में एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश और श्रीलंका में जिस तरीके के हालात हैं, वैसे हालात भविष्य में भारत के अंदर भी देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा था कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर लाल किले के बजाय संसद की ओर जाते तो उसी दिन यह काम हो जाता। टिकैत के इस विवादित बयान को लेकर कुछ संगठनों ने उनपर जरूरी कानूनी कार्रवाई की मांग की। किसान दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित एक किसान कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने इस विवादित बयान को लेकर सफाई देते हुए कहा, उत्तर प्रदेश सरकार की एक गाइडलाइन आई है, जिसमें कहा गया है कि अगर किसी के बयान को काट-छांट या उल्टा-सीधा करके चलाया जाएगा या फिर उसपर गलत कमेंट किया जाएगा तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होंगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोगों को मेरा पूरा बयान दिखाना चाहिए था। खालिस्तानियों से संबंध और कार्रवाई की मांग करने वाले संगठनों को लेकर किसान नेता ने कहा कि अगर उनके पास कोई सबूत है तो उसको पेश करें और अगर उनका आरोप सही पाया जाता है, तो जरूर कार्रवाई होनी चाहिए। मुजफ्फरनगर में किसान दिवस के मौके पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत कई किसान नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में कई किसानों ने अपनी परेशानी बताई।
इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर आंदोलन आगे भी चलते रहेंगे। किसान दिवस पर सभी किसानों को अपनी समस्याएं बतानी चाहिए। सरकार की मंशा है कि किसानों के कुछ संगठनों में आपस में विवाद करा दिया जाए।


