मुजफ्फरनगर । स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि कावड़ यात्रा के समय नेम प्लेट पर जो आंदोलन चलाया गया था हमारे द्वारा तो मुज़फ़्फ़रनगर में मुसलमानों द्वारा जो होटल ढाबे खाद्य पदार्थ की दुकान पर के नाम जो मुसलमानों ने हिंदू देवी देवताओं के नाम लिखे हुए थे देवी देवताओं के नाम को हटाकर उनका वास्तविक मुस्लिम नाम पर लिखे गये थे उनमें से एक संगम शुद्ध भोजनालय से सलीम शुद्ध भोजनालय लिखा गया था लेकिन उसने अब फिर सलीम शुद्ध भोजनालय को बदलकर के संगम शुद्ध भोजनालय कर दिया है यही तो इन लोगों का षड्यंत्र है की सनातन धर्म के देवी देवताओं का नाम दुरुपयोग करके हिंदू तीर्थ स्थान का नाम का दुरुपयोग करके हिंदुओं को भ्रमित करके हिंदुओं के धर्म को भ्रष्ट करने के लिए भोजन को दूषित करके दिया जाता है जैसे थूकना मूत्र मिलाना को गौमांस मिलाना या हिंदुओं को नपुंसक बनाने के लिए दवा का प्रयोग करना मुजफ्फरनगर में ही सिसौना और बरेली के बीच में आश्रम रेस्टोरेंट के नाम से होटल खोला गया है बागोवाली के मुस्तफा नाम के व्यक्ति के द्वारा यह दोनों कान खोल करके सुन ले तुमने जो सनातन धर्म के नाम का अपने होटल पर लिखे यह सीधा-सीधा हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का धोखा है दोनों के पास 7 सितंबर तक का समय है यदि इन्होंने अपने होटल से संगम और आश्रम नाम है नहीं हटाया तो स्वामी यशवीर महाराज 7 सितंबर को 11:00 हिंदू समाज को साथ लेकर इनके होटल से आश्रम और संगम को हटाने जायेंगे हम किसी भी कीमत पर संगम और आश्रम के नाम से इन दोनों मुसलमान को होटल नहीं चलने देंगे मेरा पुलिस प्रशासन से भी आग्रह है इसको संज्ञान में ले और कार्यवाही करे सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया है किसी को नाम लिखने को बाध्य नहीं किया जाये लेकिन भारत के मुसलमानों को सनातन धर्म के देवी देवताओं व तीर्थ स्थल का नाम दुरूपयोग करने का अधिकार किसने दिया है हिन्दुओं अब तैयार हो जाओ हमे ये लडाई सडक पर उतरकर मजबूती से लडनी है इनको होटल ढाबे चलाने है चलाये पर सनातन धर्म के नाम का प्रयोग किसी भी कीमत पर नहीं करने देंगे।


