मुजफ्फरनगर। कई वर्ष बीतने के बाद भी स्वच्छ भारत मिशन शौचालय घोटाले की रिकवरी अधर में लटकी है। जिलाधिकारी महोदय को स्वच्छ भारत मिशन शौचालय घोटाले की रिकवरी के संबंध में एक प्रार्थना पत्र सुमित मलिक द्वारा दिया है अवगत कराया गया है कि जनपद मुजफ्फरनगर में वर्ष 2017-18 में स्वच्छ भारत मिशन शौचालय माननीय प्रधानमंत्री जी की योजना के अंतर्गत 53183 शौचालय जनपद मुजफ्फरनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए थे जिसकी धनराशि 2 करोड़ 81 लाख 96000 बैठी है एक शौचालय बनाने के लिए ₹12000 की धनराशि सरकार द्वारा दी जाती है सुमित मलिक ने शासन को वर्ष 2018 में शिकायत की गई थी शिकायत के उपरांत 2130अपात्र शौचालय जांच में मिले ।वर्ष 2017-18 से वर्ष 2026 चल रहा है लेकिन अभी तक मात्र 27 लाख रुपए की रिकवरी हो पाई है एक करोड़ 25 लाख रुपए की रिकवरी अभी शेष है जो राजस्व का नुकसान हो रहा है माननीय मुख्यमंत्री का निर्देश है भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारी अधिकारी को बक्सा नहीं जाएगा लेकिन स्वच्छ भारत मिशन माननीय प्रधानमंत्री जी का सपना था कि हर ग्रामीण क्षेत्र में बहू बेटियां शौच के लिए घर से बाहर जाना ना पडे। इसलिए शौचालय बनवाए गए लेकिन पूर्व के dpro पवन कुमार के कार्यकाल में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ सुमित मलिक द्वारा वर्ष 2018 में शिकायत की गई थी जो पूर्व सीडीओ अर्चना वर्मा के द्वारा जांच की गई जांच में जिला पंचायत राज अधिकारी के बाबू के खातों में तीन-तीन लाख रुपए की ट्रांजैक्शन मिली जांच करने के बाद हटाया गया लेकिन अभी तक भी करोड़ों रुपए की रिकवरी बची हुई है पूर्व में अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा की गई शौचालय घोटाला की कार्यवाही अभी तक नहीं हो पाई है और ना ही करोड़ों रुपए की रिकवरी हो पाई है इस प्रकरण को जिलाधिकारी महोदय के समक्ष शिकायती पत्र देकर रखा गया जिलाधिकारी महोदय ने आश्वासन दिया कि जल्द ही रिकवरी कराई जाएगी।


