नई दिल्ली। सीबीएसई ने भी कक्षा नौवीं से कक्षा 12वीं तक पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रमों वेब एप्लीकेशन इन्फार्मेनशन टेक्नोलॉजी और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का पाठ्यक्रम अपडेट कर दिया है। स्कूल स्तर पर ही विद्यार्थी आईबीएम जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की मदद से एआई आधारित स्कूल अटेंडेंस सिस्टम कैंसर डिटेक्शन सिस्टम एथिक्स ऑफ डीनपफेक हेट स्पीच डिटेक्शन जैसे प्रोग्राम सीखेंगे और करेंगे। सीबीएसई की ओर से सत्र 2024-25 के लिए कक्षा नौवीं का आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस, कक्षा 10वीं का इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी और कक्षा 11वीं में वेब एप्लीकेशन और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रमों को अपडेट किया है। इन अपडेट पाठ्यक्रमों को इसी सत्र से लागू किया जा रहा है।
इसके अलावा सीबीएसई की ओर से कक्षा 12वीं के वेब एप्लीकेशन स्किल विषय का पाठ्यक्रम भी अपडेट किया जा रहा है जिसे सत्र 2025-26 में लागू किया जाएगा। उक्त सभी अपडेट पाठ्यक्रमों के लिंक सीबीएसई ने एकेडमिक्स पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में स्कूल स्तर पर ही विद्यार्थियों का कौशल बढ़ाने पर अतिरिक्त जोर दिया गया है। इसी कड़ी में सीबीएसई ने कौशल विषयों को प्रभावी तरीके से लागू करने की पहल की है। इसमें रट्टामार पढ़ाई को छोड़कर बच्चों को कम थ्योरी और अधिक प्रैक्टिकल करने का अवसर कौशल विषयों में दिया जा रहा है।
एआई के यह प्रोजेक्ट करेंगे कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थी
डाटा साइंस : एआई इनेबल्ड अटेंडेंस सिस्टम और ब्रेस्ट कैसर डिटेक्शन मॉडल
नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग : एआई वायस असिस्टेंट फार पीपल विद डिजेबिलिटी और हेट स्पीच डिटेक्शन
कंप्यूटर विजन : स्कूल सर्विलांस सिस्टम और लंग कैंसर डिटेक्शन मॉडल
लो कोड-गूगल डायलाग फ्लो : लीक वीक
नो कोड-एमआईटी एप्लनवेंटर : इमेज क्लरसीफिकेशन-कंप्यूटर विजन, फेक वायसेस-द एथिक्स ऑफ डीपफेक्स और मूड बताने वाला एप्लीकेशन व उसका डाटा-डाटा साइंस।

