लखनऊ। हंगामे के बीच चले विधानसभा के सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर बांटने और काटने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संभल और बहराइच के दंगाई बख्शे नहीं जाएंगे।
सत्र शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा।विपक्ष ने नियम 311 के तहत सम्भल पर चर्चा की मांग। स्पीकर ने अस्वीकार कर दिया। हंगामे के बीच एक बार तो विधानसभा अध्यक्ष अपना हेडफोन उतार कर चल दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल बहराइच के मुद्दे पर जमकर बोला उन्होंने कहा कि सरकार आश्वस्त करती है कि कोई दोषी नही बचेगा, ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम होगा। दोनों घटनाओ में विजुअल वीडियो देख सकते हैं घरों पर पत्थर इकट्ठे करके रखे गए हैं। कहा कि दंगे में शामिल, तमंचा लहराते, पत्थर फेंकते लोगों के सारे विजुअल हैं। दोषी को कोई बचा नहीं पाएगा। दंगे और दंगाइयों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस है। कहा कि किसी को कहीं से भी निकलने से कोई नहीं रोक सकता। बहराइच में परंपरागत यात्रा निकलने के दौरान घटना की गई। आप ऐसे कैसे कह सकते हैं कि मुस्लिम इलाकों से हिन्दू जुलूस नही निकल सकता। सड़क किसी की नही है। जय श्रीराम का नारा उत्तेजक नही है। अगर मैं कहूँ की अल्ला हूं अकबर मत लगाओ तो मानेंगे। कल कोई हिन्दू कहे कि अल्ला हू अकबर के नारे नही लगाओ तो कैसा लगेगा। सीएम योगी ने कहा कि मुस्लिम पर्व त्योहार के जुलूस हिन्दू इलाको से निकल सकती है,तो हिन्दू पर्व त्योहार के जुलूस मुस्लिम इलाके से क्यो नही निकल सकती। सीएम ने कहा कि मुस्लिम त्योहार आराम से हो जाते हैं। दंगे सिर्फ उसी क्षेत्रों में क्यों होते हैं, जहां मुस्लिम आबादी होती है।
योगी ने कहा कि आपकी राजनीति हमेशा से बांटने और काटने की, इसीलिए हमने कहा न बटेंगे न कटेंगे। संग्राम यादव जी ने एक कविता पढ़ी, उन अल्लामा इकबाल को पेशे से शिक्षक कहा जाता है उनकी कविता की पहली लाइन ही यही है.. “मुस्लिम हैं हम वतन हैं, सारा जहां हमारा”..। इन्हें शिक्षक मान सकते हैं क्या?ऐसे शिक्षक दुर्गति करवाएंगे…।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शफीकुर्रहमान बर्क ने कभी भी खुद को भारत का नागरिक हूँ। वो कहते थे कि वह बाबर की संतान हैं..आप भी मानते होंगे….ये आपको तय करना है कि आप आक्रांताओं को अपना आदर्श मानते हैं या राम कृष्ण और बुद्ध की परम्परा को अपना आदर्श मानते हैं। भारत मे राम कॄष्ण बुद्ध की परंपरा ही रहेगी, बाबर और औरंगजेब की परंपरा नहीं रहेगी।

