मुजफ्फरनगर। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने घोषणा की कि केंद्र की मोदी सरकार ने ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। अब मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार गारंटीकृत मिलेगा और उनका भुगतान एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा।
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि मजदूरों को अब केवल मिट्टी खुदाई या भराई तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें सामुदायिक कार्यों और आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण जैसे कार्यों में भी अवसर मिलेंगे।
उन्होंने विपक्ष के विरोध को ‘प्रपंच’ करार देते हुए कहा कि सरकार के इस फैसले पर विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है और वह केवल लोगों को गुमराह करने में जुटा है।
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प
सोमवार को राज्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक, संयोजक विजय सैनी, सह संयोजक राजू अहलावत और दर्शन के साथ योजना के संशोधनों के फायदे गिनाए।
मंत्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का जिक्र किया और बताया कि इस दिशा में गांव-गांव तक शौचालय, पक्के मकान, बिजली कनेक्शन, स्वच्छ पेयजल, बैंक खाते और सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि योजना में पहले कुछ कमियां थीं, जिन्हें नए संशोधन में दूर कर नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। पहले जहां मजदूरों को 100 दिन का रोजगार मिलता था, अब उन्हें 125 दिन का रोजगार और 252 रुपये प्रति दिन की मजदूरी सुनिश्चित की गई है। इस योजना में खर्च की व्यवस्था भी बनी हुई है, जिसमें केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार 10 प्रतिशत खर्च करती है।