मुजफ्फरनगर। आबकारी मोहल्ला निवासी मृतक सोनू के परिजनों से मिलने जा रहे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोक दिया। सांसद को भोपा पुल, नवीन पेट्रोल पंप के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर रोका दिया।
नगर कोतवाली क्षेत्र के किला मोहल्ले में रहने वाले सोनू कश्यप की मेरठ में सरधना थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में 5 जनवरी को ईंट मारकर हत्या की गई थी। साक्ष्य मिटाने के लिए लाश को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया गया था। उसकी अधजली लाश मिली थी।
सोनू के घर से करीब 2 किमी पहले नई मंडी थाना क्षेत्र में भोपा पुल पर पुलिस ने बीच सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर चंद्रशेखर आजाद के काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा, सीओ नई मंडी राजू कुमार साव, सीओ जानसठ रूपाली राव और थाना सिविल लाइन प्रभारी आशुतोष कुमार सहित कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। तीनों सीओ ने चंद्रशेखर से आगे न जाने का आग्रह किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि चंद्रशेखर सोनू के परिवार से मिलने की बात पर अड़े रहे। चंद्रशेखर ने कहा- घटना मेरठ में हुई है। यहां कोई तनावपूर्ण हालात तो नहीं है। मुझे परिवार के लोगों से नहीं मिलने दिया जा रहा। अगर पुलिस मुझे मेरी गाड़ी से नहीं जाने देना चाहती तो मुझे पुलिस अपनी गड़ी से ले जाए। मैं अकेले जाने को तैयार हूं। मैं पीड़ित परिवार से मिलना चाहता हूं, उनके दुख काे बंटना चाहता हूं। अगर पुलिस मुझे उनसे मिलने नहीं देगी तो मुझे गोली मार दे। मैं जबतक जिंदा हूं लोगों की आवाज बनकर काम करता रहूंगा। मुझे दो साल पहले गोली लगी थी, लेकिन मैं शांत नहीं बैठा। अगर मैं चारपाई पर भी रहूंगा तो भी मैं जनता के बीच जाता रहूंगा। अगर मुझे रोकना है तो बेशक पुलिस मेरी हत्या कर दे। चंद्रशेखर आजाद को पुलिस लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में ले गई। वहां परिवार को बुलाने की बात कही गई। हालांकि दो घंटे बाद भी पीड़ित परिवार को पुलिस लेकर नहीं पहुंची तो चंद्रशेखर ने वीडियो कॉल पर सोनू की बहन और मां से बात की। लोगों का कहना है कि सोनू कश्यप को जिंदा जलाकर मारा गया। हत्या का आरोप गांव के ठाकुर बिरादरी के युवकों पर है। हत्याकांड को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट में परिजनों और समर्थकों ने धरना प्रदर्शन कर आरोपियों को फांसी देने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की थी। सरधना विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर एक लाख रुपए की आर्थिक मदद की थी।


