मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना मुजफ्फरनगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार ऐसा हुआ है। वह खुद दो बार उत्तराखंड में आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इसी क्रम में उनका मुजफ्फरनगर आना हुआ है। उन्होंने कहा कि आज MS Act 2013 के अनुपालन को लेकर समीक्षा बैठक की गई। कई अधिकारी इसके अनुपालन में लापरवाही बरत रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सफाई कर्मियों के EPF से जुड़ा बड़ा मामला भी सामने आया है। नगर पालिकाओं में ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मियों के EPF का पैसा जमा नहीं कराया जा रहा था। कर्मचारी का PF तो काटा जा रहा है, लेकिन ठेकेदार अपना शेयर जमा नहीं कर रहा। इस पर स्वास्थ्य अधिकारी और CDO कण्डरकर कमल किशोर देशभूषण ने मुकदमा दर्ज करने का भरोसा दिलाया है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ निश्चित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और योगी सरकार लगातार सफाई कर्मियों के हित में काम कर रही है। योगी जी ने प्रदेश के साढ़े तीन लाख आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया है। इसके लिए आउटसोर्स सेवा निगम बनाया गया है, ताकि उन्हें सभी सुविधाएं समय से मिल सकें। इसमें 5 लाख रुपये का बीमा, साप्ताहिक अवकाश और साल में 18 छुट्टियों की सुविधा शामिल है।
पहले ठेकेदार के माध्यम से भर्ती होती थी, वेतन मांगने पर ठेकेदार कर्मचारियों को निकाल देता था, लेकिन अब जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित की गई है। अब आसानी से किसी को नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा। उनकी बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए अनुदान जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। सफाई कर्मियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि 4-5 दिन पहले लखनऊ में सचिवों के साथ बैठक हुई है और नियमावली बनते ही नियमितीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। आने वाले समय में दोबारा बैठक होगी और निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।


