Skip to main content

TR NEWS UP-UK

सनातन अजन्मा और अनंत व राम उसकी चेतना हैं: उमाकांतानंद सरस्वती 

सनातन अजन्मा और अनंत व राम उसकी चेतना हैं: उमाकांतानंद सरस्वती

नई मंडी में भव्य श्री राम कथा में बही भक्ति की धारा

मुजफ्फरनगर। कथा व्यास स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती जी ने कहा कि सनातन अजन्मा और अनंत है। हमारे आचरण में आध्यात्मिक चेतना कितनी है, यह नहीं पता लेकिन हमारे स्वभाव में आध्यात्म है तभी तो जन्माष्टमी और गणपति पूजा, रामकथा और भागवत कथा में करोड़ों लोग जुटते हैं।

नई मंडी रामलीला भवन में रामकथा के पहले दिन मुख्य यजमान अशोक तायल रहे। कथा वाचन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य जीवन और उसमें सत्संग मिलना परम सौभाग्य है। भक्ति में लीन होना ही मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। पूरी सृष्टि राममय है। यह एक राजा के बेटे की कथा नहीं उस आध्यात्मिक चेतना की कथा है, जो मानव कल्याण करती है। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ भी हो रहा है वह राम अर्थात ईश्वर की लीला है। भक्ति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहली भक्ति कथा श्रवण करना है। नवधा भक्ति में संत का संग महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे आध्यात्मिक सानिध्य व सत्संग मिलता है। स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती जी ने कहा कि नई मंडी रामलीला के सौ वर्ष की यात्रा राम के रूप में उसी आध्यात्मिक चेतना का सोपान है जो हमारे पूर्वजों ने स्थापित की थी। उन्होंने कहा कि भगवान किसी वस्तु के नहीं भाव के भूखे हैं। आप में मनुष्यता के प्रति भाव हैं तो यही मनुष्यता का सबसे बड़ा स्वरूप है।

 

भव्य कलशयात्रा में उमड़ी मातृ शक्ति

आज सुबह भव्य कलश यात्रा के साथ रामकथा का शुभारंभ हुआ। श्री रामलीला भवन नई मंडी के शताब्दी वर्ष (100वें वर्ष) के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव का शुभारंभ आज बेहद भव्य और भक्तिमय माहौल में हुआ। आज से प्रारंभ हो रही दिव्य श्री राम कथा से पूर्व श्री रामलीला भवन से एक विशाल एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को राममय कर दिया। सनातन परंपरा के अनुसार, किसी भी बड़े अनुष्ठान से पूर्व कलश स्थापना और कलश यात्रा का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है। कलश को ब्रह्मांड, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस ऐतिहासिक महोत्सव में कलश स्थापना के माध्यम से क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।

इस पावन यात्रा को संत महामंडलेश्वर उमाकांतानंद सरस्वती महाराज का दिव्य सानिध्य प्राप्त हुआ। यात्रा का मुख्य आकर्षण सैकड़ों की संख्या में शामिल महिला श्रद्धालु रहीं, जो पारंपरिक वेशभूषा में अपने सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए थीं। भगवान राम के भजनों और राम धुन पर थिरकतीं महिला भक्तों के नृत्य ने यात्रा की शोभा में चार चांद लगा दिए। नीलामा अग्रवाल, अरुणा (अन्नु) कुच्छल, अंजली मित्तल, रेखा अग्रवाल, प्रिया महेश्वरी, साधना गर्ग, साधना कुच्छल, रश्मि, साक्षी गुप्ता, नीति, शालू कुच्छल, सोनम कुच्छल, रेनू कुच्छल,पारुल कुच्छल का इसमें विशेष योगदान रहा। पूरी नई मंडी धर्ममय रंग में रंगी नजर आई और जगह-जगह यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।

इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने और संपूर्ण व्यवस्था संभालने में रामलीला कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी और शहर के गणमान्य लोग सक्रिय रूप से जुटे रहे। यात्रा में मुख्य रूप से संरक्षक भीम सेन कंसल, अध्यक्ष संजय मित्तल, और मंत्री अशोक गर्ग मौजूद रहे। उनके साथ ही आदित्य भरतिया, ब्रज गोपाल छारिया, कैलाश चंद ज्ञानी, ऋषिराज राही, राजीव अग्रवाल, अभिषेक कुच्छल, विवेक गर्ग, राजेश गोयल, उपेंद्र मित्तल, विदित गुप्ता, अनिल गोयल, सुभाष गुप्ता, नरेश गुप्ता, मुकेश गुप्ता,विनोद संगल व अतुल जैन सहित भारी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि शताब्दी वर्ष के इस पावन अवसर पर आज से शुरू हुई श्री राम कथा क्षेत्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगी।

Taja Report
Author: Taja Report

Advertisements
Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *