मुज़फ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के प्रबन्धन विभाग (एम बी ए) द्वारा “ESG Compliance & Corporate Performance – A New Paradigm in Management & Commerceविषय पर अर्न्तराष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विशिष्ट अतिथि डॉ रविन्द्र कुमार त्यागी (प्रो0 ऑफ प्रैक्टिस – आई आई टी, रूडकी) एवं मुख्य वक्ता डॉ रजत अग्रवाल (विभागाध्यक्ष, प्रबन्धन विभाग, आई आई टी, रूडकी) एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रजव्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। सेमिनार में देश विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता दिखायी।
सेमिनार के उद्घाटन में मुख्य वक्ता ने अपने सम्बोधन में वर्तमान समय में ESG अनुपालन में बढती आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुऐ कहा कि यह कॉरपोरेट जगत की पारदर्शिता उत्तरदायित्व एवं सतत विकास को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। विशिष्ट अतिथि ने ESG को व्यावसायिक रणनीतियों में शामिल कराने के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता ने ESGऔर कॉरपोरेट प्रर्दशन के बीच संबध एवं उसके विभिन आयामों पर विस्तार से चर्चा की। सेमिनार में विशिष्ट अतिथि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवबन्द के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मौ0 आरिफ ने सम्बोधन करते हुऐ बताया कि ESG फ्रेमवर्क का पालन करने वाली कम्पनीयों को निवेशक अधिक पारदर्शी और भरोसेमन्द मानते है, जिससे पूंजी तक पहुच आसान हो जाती है। डॉ धीरज सक्सेना, विशिष्ट वक्ता (डायरेक्टर, ओरंेज बिजनेस) ने जोर्जिया USA से सम्बोधन करते हुए बताया कि ESG अनुपालन 2026 में केवल एक नियामक औपचारिकता नही बल्कि दीर्घकालिक व्यवसायिक सफलता, ब्राण्ड वैल्यू और निवेशकों का विश्वास जीतने की एक प्रमुख रणनीती बन चुका है। शारजाह UAE से मिस सोनिया (विशिष्ट वक्ता) ने संबोधन करते हुऐ बताया कि ESG केवल वरिष्ठ प्रबन्धन नही बल्कि कर्मचारियों के प्रर्दशन मूल्यांकन ओर टीम की स्थिरता के प्रति जागरूकता फैलाने का सफल माध्यम है। सेमिनार के दौरान इन्टीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के एसोसिएट प्रो0 डॉ मुस्तफा माहिर ने ऑनलाइन माध्यम से अपना संबोधन करते हुऐ बताया कि ESG नीतीयों वाली कम्पनिया, विशेष रूप से युवाओं के लिए अधिक आर्कषक कार्यस्थल बनाती है, जिससे वह अच्छंे टैलेन्ट को लम्बे समय तक बनाये रख सकते है।
प्रतिभागियो द्वारा प्रस्तुत शोध पत्रों में नवीन दृश्टिकोण एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किये गये, जिनकी विशेष्ज्ञों द्वारा सराहना की गयी। सेमिनार के तकनीकी सत्र-1 के अध्यक्ष डॉ अब्दुल वाहिद (एसोसिएट प्रो0 दिल्ली यूनिवर्सिटी,) के संचालन में हुआ। इस पर विभिन्न विषयों में गहन विर्मश हुआ। तकनीकी सत्र-2 का संचालन श्री शिवा त्यागी की अध्यक्षता में किया गया। जिसमे प्रतिभागियों को नवीन ज्ञान एवं शोध की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इसमें तीन उत्कृष्ट शोधपत्रों को पुरूस्कार दिया गया। श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी से निदेशक डॉ गिरेन्द्र गौतम एवं ललित कला विभाग के निदेशक डॉ मनोज धीमान का मार्गदर्शन अतुल्य रहा।
कार्यक्रम में श्रीराम गु्रप ऑफ कॉलेजेज के निदेशक डॉ अश्विनी वशिष्ठ, शोध निदेशक डॉ आर पी सिंह, प्राचार्या डॉ प्रेरणा मित्तल, उपप्राचार्य डॉ सौरभ मित्तल, विभागाध्यक्ष श्री पंकज कुमार एवं सभी विभागाध्यक्ष ओर शिक्षक गण उपस्थित रहे।
सेमिनार का संचालन डॉ0 चित्रा श्रीवास्तव, समन्वयक सेमिनार द्वारा किया गया। मैनेजमैन्ट विभाग के अधिवक्ता श्री राजीव रावल एवं मिस निवेदिता चर्तुवेदी ने विशेष योगदान प्रदान किया।
कार्यक्रम को सफल कराने में डॉ अशफाक अली, डॉ विवेक त्यागी, डॉ हिमांशु एवं डॉ अतुल वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।