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शुक्रवार विशेष : पंचांग एवँ राशिफल

*आज का पंचांग व राशिफल*

???? *~ वैदिक पंचांग ~* ????

 

????️ *दिनांक – 05 सितम्बर 2025*

????️ *दिन – शुक्रवार*

????️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*

????️ *शक संवत -1947*

????️ *अयन – दक्षिणायन*

????️ *ऋतु – शरद ॠतु*

????️ *मास – भाद्रपद*

????️ *पक्ष – शुक्ल*

????️ *तिथि – त्रयोदशी 06 सितम्बर रात्रि 03:12 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*

????️ *नक्षत्र – श्रवण रात्रि 11:38 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*

????️ *योग – शोभन दोपहर 01:53 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*

????️ *राहुकाल – सुबह 11:04 से दोपहर 12:37 तक*

????️ *सूर्योदय – 06:24*

????️ *सूर्यास्त – 06:49*

???? *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*

???? *व्रत पर्व विवरण – प्रदोष व्रत*

???? *विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

????~*वैदिक पंचांग* ~????

 

???????? *चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाए यह कार्य बिल्कुल भी नही करे बच्चे को भारी नुकसान होता है*⤵️

 

 

 

 

???? *श्राद्ध पक्ष में अपनाए जाने वाले सभी मुख्य नियम*

➡ *07 सितम्बर 2025 रविवार से महालय श्राद्ध आरम्भ ।*

???????? *1) श्राद्ध के दिन भगवदगीता के सातवें अध्याय का माहात्म पढ़कर फिर पूरे अध्याय का पाठ करना चाहिए एवं उसका फल मृतक आत्मा को अर्पण करना चाहिए।*

???????? *2) श्राद्ध के आरम्भ और अंत में तीन बार निम्न मंत्र का जप करें l*

➡ *मंत्र ध्यान से पढ़े :*

???? *ll देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च l*

*नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव भवन्त्युत ll*

???????? *(समस्त देवताओं, पितरों, महायोगियों, स्वधा एवं स्वाहा सबको हम नमस्कार करते हैं l ये सब शाश्वत फल प्रदान करने वाले हैं l)*

???????? *3) “श्राद्ध में एक विशेष मंत्र उच्चारण करने से, पितरों को संतुष्टि होती है और संतुष्ट पितर आपके कुल खानदान को आशीर्वाद देते हैं*

➡ *मंत्र ध्यान से पढ़े :*

???? *ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधादेव्यै स्वाहा|*

???????? *4) जिसका कोई पुत्र न हो, उसका श्राद्ध उसके दौहिक (पुत्री के पुत्र) कर सकते हैं l कोई भी न हो तो पत्नी ही अपने पति का बिना मंत्रोच्चारण के श्राद्ध कर सकती है l*

???????? *5) पूजा के समय गंध रहित धूप प्रयोग करें और बिल्व फल प्रयोग न करें और केवल घी का धुआं भी न करें|*

???????? *श्राद्ध महिमा पुस्तक से*

???? ~ *वैदिक पंचांग* ~ ????

 

???? *अनंत चतुर्दशी* ????

➡ *06 सितम्बर 2025 शनिवार को अंनत चतुर्दशी है ।*

???????? *भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनन्त चतुर्दशी कहा जाता है। इस दिन अनन्त भगवान की पूजा करके संकटों से रक्षा करने वाला अनन्तसूत्र बांधा जाता है।*

???????? *कहा जाता है कि जब पाण्डव जुएं में अपना सारा राज-पाट हारकर वन में कष्ट भोग रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनन्तचतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी थी। धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों तथा द्रौपदी के साथ पूरे विधि-विधान से यह व्रत किया तथा अनन्तसूत्रधारण किया। अनन्तचतुर्दशी-व्रत के प्रभाव से पाण्डव सब संकटों से मुक्त हो गए।*

???????? *व्रत-विधान-व्रतकर्ता प्रात:स्नान करके व्रत का संकल्प करें। शास्त्रों में यद्यपि व्रत का संकल्प एवं पूजन किसी पवित्र नदी या सरोवर के तट पर करने का विधान है, तथापि ऐसा संभव न हो सकने की स्थिति में घर में पूजागृह की स्वच्छ भूमि पर कलश स्थापित करें। कलश पर शेषनाग की शैय्यापर लेटे भगवान विष्णु की मूर्ति अथवा चित्र को रखें। उनके समक्ष चौदह ग्रंथियों (गांठों) से युक्त अनन्तसूत्र (डोरा) रखें। इसके बाद “ॐ अनन्तायनम:” मंत्र से भगवान विष्णु तथा अनंतसूत्र की षोडशोपचार-विधिसे पूजा करें। पूजनोपरांत अनन्तसूत्र को मंत्र पढकर पुरुष अपने दाहिने हाथ और स्त्री बाएं हाथ में बांध लें-*

???? *अनंन्तसागर महासमुद्रे मग्नान्समभ्युद्धर वासुदेव।*

*अनंतरूपे विनियोजितात्माह्यनन्तरूपाय नमो नमस्ते॥*

???????? *अनंतसूत्र बांध लेने के पश्चात किसी ब्राह्मण को नैवेद्य (भोग) में निवेदित पकवान देकर स्वयं सपरिवार प्रसाद ग्रहण करें। पूजा के बाद व्रत-कथा को पढें या सुनें। कथा का सार-संक्षेप यह है- सत्ययुग में सुमन्तु नाम के एक मुनि थे। उनकी पुत्री शीला अपने नाम के अनुरूप अत्यंत सुशील थी। सुमन्तु मुनि ने उस कन्या का विवाह कौण्डिन्यमुनि से किया। कौण्डिन्यमुनि अपनी पत्नी शीला को लेकर जब ससुराल से घर वापस लौट रहे थे, तब रास्ते में नदी के किनारे कुछ स्त्रियां अनन्त भगवान की पूजा करते दिखाई पडीं। शीला ने अनन्त-व्रत का माहात्म्य जानकर उन स्त्रियों के साथ अनंत भगवान का पूजन करके अनन्तसूत्र बांध लिया। इसके फलस्वरूप थोडे ही दिनों में उसका घर धन-धान्य से पूर्ण हो गया।*

???? *कथा*

???????? *एक दिन कौण्डिन्य मुनि की दृष्टि अपनी पत्नी के बाएं हाथ में बंधे अनन्तसूत्र पर पडी, जिसे देखकर वह भ्रमित हो गए और उन्होंने पूछा-क्या तुमने मुझे वश में करने के लिए यह सूत्र बांधा है? शीला ने विनम्रतापूर्वक उत्तर दिया-जी नहीं, यह अनंत भगवान का पवित्र सूत्र है। परंतु ऐश्वर्य के मद में अंधे हो चुके कौण्डिन्यने अपनी पत्नी की सही बात को भी गलत समझा और अनन्तसूत्रको जादू-मंतर वाला वशीकरण करने का डोरा समझकर तोड दिया तथा उसे आग में डालकर जला दिया। इस जघन्य कर्म का परिणाम भी शीघ्र ही सामने आ गया। उनकी सारी संपत्ति नष्ट हो गई। दीन-हीन स्थिति में जीवन-यापन करने में विवश हो जाने पर कौण्डिन्यऋषि ने अपने अपराध का प्रायश्चित करने का निर्णय लिया। वे अनन्त भगवान से क्षमा मांगने हेतु वन में चले गए। उन्हें रास्ते में जो मिलता वे उससे अनन्तदेवका पता पूछते जाते थे। बहुत खोजने पर भी कौण्डिन्यमुनि को जब अनन्त भगवान का साक्षात्कार नहीं हुआ, तब वे निराश होकर प्राण त्यागने को उद्यत हुए। तभी एक वृद्ध ब्राह्मण ने आकर उन्हें आत्महत्या करने से रोक दिया और एक गुफामें ले जाकर चतुर्भुज अनन्तदेव का दर्शन कराया।*

???????? *भगवान ने मुनि से कहा-तुमने जो अनन्तसूत्र का तिरस्कार किया है, यह सब उसी का फल है। इसके प्रायश्चित हेतु तुम चौदह वर्ष तक निरंतर अनन्त-व्रत का पालन करो। इस व्रत का अनुष्ठान पूरा हो जाने पर तुम्हारी नष्ट हुई सम्पत्ति तुम्हें पुन:प्राप्त हो जाएगी और तुम पूर्ववत् सुखी-समृद्ध हो जाओगे। कौण्डिन्यमुनि ने इस आज्ञा को सहर्ष स्वीकार कर लिया। भगवान ने आगे कहा-जीव अपने पूर्ववत् दुष्कर्मो का फल ही दुर्गति के रूप में भोगता है।मनुष्य जन्म-जन्मांतर के पातकों के कारण अनेक कष्ट पाता है। अनन्त-व्रत के सविधि पालन से पाप नष्ट होते हैं तथा सुख-शांति प्राप्त होती है। कौण्डिन्यमुनि ने चौदह वर्ष तक अनन्त-व्रत का नियमपूर्वक पालन करके खोई हुई समृद्धि को पुन:प्राप्त कर लिया।*

 

???? *~ वैदिक राशिफल ~* ????

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मेष (चु, चे, चो, ला, लि, लु, ले, लो, अ):-व्यावसायिक कार्य मे परिश्रम अधिक करना पड़ेगा फिर भी लाभ आशाजनक नही होगा। आपके हिस्से का लाभ किसी अन्य के हिस्से में भी जा सकता है लापरवाही से बचें। आज की गई मेहनत का सकारत्मक परिणाम संध्या बाद से देखने को मिलेगा कई दिनों से चल रही आर्थिक तंगी में कमी आएगी। धन लाभ के अवसर आज मिलने के योग बनेंगे। आप अपने अंदर नई उर्जा का समावेश पाएंगे। किसी भी मामले में आपका स्वभाव के विपरीत जिद्दी होना नुकसानदायक हो सकता है।

 

वृषभ (इ, उ, ए, ओ, वा, वि, वु, वे, वो) :-प्रेम प्रसंगों से आपको निराशा और दुख महसूस होगा। किसी भी विषय पर तर्क-वितर्क अपने स्तर के व्यक्ति से ही करें। जोश में आकर किसी से कोई वादा भी न करें। किसी की कहीं भी बातें आपके मन को ठेस जा सकती है। रिश्ते नातों में दूरियां महसूस करेंगे। भाई बंधुओ से आज सीमित व्यवहार रखना ही बेहतर रहेगा अन्यथा कुछ न कुछ मानसिक क्लेश ही बनेगा। आपको संघर्ष करना पड़ेगा लेकिन अंतिम समय में भाग्य आपका साथ देगा।

 

मिथुन (का, कि, कु, घ, ङ, छ, के, को, हा) :-आज का दिन लाभदायक बना है इसका लाभ उठायें स्वभाव में थोड़ी उग्रता एवं जल्दबाजी रहेगी प्रत्येक कार्य को बिना सोचे समझे करेंगे जिससे बाद में पछताना पड़ेगा। धन व्यर्थ के कार्यो में खर्च हो सकता है। मौज शौक की प्रवृति से दूर रहें अन्यथा घर मे विशेष कर महिला वर्ग से विवाद की संभावना है। अपनी परेशानी को हर किसी के साथ शेयर करने से परहेज रखें, जो भी अच्छा व बुरा है वो आपका है।

 

कर्क (हि, हु, हे, हो, डा, डि, डु, डे, डो) :-किसी पुराने दोस्त से मिलने का योग बन रहा है। इस राशि के सोशल मीडिया के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन बढ़िया रहेगा। किसी खास व्यक्ति के साथ चल रहे गिले-शिकवे दूर करने का बेहतर समय है। आलस और मौज-मस्ती में समय व्यतीत करने से कुछ काम अधूरे रह सकते हैं। युवा वर्ग फालतू बातों में पड़कर अपने करियर के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करें। आज किसी भी प्रकार की यात्रा से परहेज रखें।

 

सिंह (मा, मि, मु, मे, मो, टा, टि, टु, टे) :-घर में संबंधियों का आगमन होगा। तथा आपसी मेल-मिलाप पारिवारिक वातावरण को खुशनुमा व आनंदित बनाकर रखेगा। यदि काम से संबंधित बातों में प्रगति नहीं दिख रही है तो थोड़ा संयम और इच्छा शक्ति बढ़ाने की आवश्यकता होगी। घर परिवार में कुछ अशुभ घटित हो सकता है। आज आप अपने बनाए प्लान में बदलाव करेंगे, जिससे आपको लाभ भी होगा। बिजनेस में भी कुछ नया करने की योजना बनायेगे। आज आप दिल की बजाय दिमाग से काम लें।

 

कन्या (टो, पा, पि, पु, ष, ण, ठ, पे, पो) :-वर्तमान जॉब से निराशा महसूस करेंगे। घर में आपको परिवार जनों से एकता और प्यार देखने को मिलेगा। किसी ख़ास या क़रीबी व्यक्ति से आपके संबंधों में कटुता आ गई है तो आज आप प्रयास करके संबंधों को बेहतर बना सकते हैं। आपका ध्यान मनोरंजन या घूमने-फिरने की तरफ ज्यादा रह सकता है तथा आप सुख-सुविधाओं पर खर्च कर सकते हैं। अचल संपत्ति के व्यापार से लाभ होगा। संतान की सफलता के समाचार से आप खुश हो जाएंगे।

 

तुला (रा, रि, रु, रे, रो, ता, ति, तु, ते):-प्रेम संबंधों में पारदर्शिता और न्याय की भावना मुख्य रहेगी। आप किसी पुराने मुद्दे को स्पष्टता से सुलझाने का प्रयास करेंगे। विवाहित लोगों में तालमेल बढ़ेगा, लेकिन सच्चाई और वचनबद्धता की परीक्षा हो सकती है। नकारात्मक प्रवृत्ति के लोगों से दूरी बनाकर रखें तथा गैर कानूनी कार्यों में भी रुचि न लें। कभी-कभी मन में नकारात्मक विचार उठने से आप अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं। आज के दिन वाहन चलाते समय आपको विशेष ध्यान रखना होगा।

वृश्चिक (तो, ना, नि, नु, ने, नो, या, यि, यु) :-शरीर में चुस्ती-फूर्ति की कमी रहेगी। संतान की शिक्षा को लेकर आज के दिन आप चिंतित रहेंगे। राजनितिक दृष्टिकोण से आपके ऊपर भाग्य की कृपा दृष्टि बनी रहेगी। आज आप जिस कार्य को आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए करेंगे, उसमें सफलता हासिल करेंगे। दूसरों से आगे निकलने की चाहत आपके आत्म बल तथा कार्य क्षमता को बढ़ाएगी। विद्यार्थियों को अपनी मेहनत के अनुकूल परिणाम मिलने वाले हैं।

 

धनु (ये, यो, भा, भि, भु, धा, फा, ढा, भे):-आज का दिन आपके लिए शानदार रहने वाला है। आज जो भी काम शुरू करेंगे उसमें आपको सफलता मिलेगी। सरकारी नौकरी कर रहे लोगो के काम की सीनियर्स तारीफ करेंगे। आज सोशल मीडिया पर नए लोगों के साथ संपर्क में आयांगे। जिसका फायदा आपको भविष्य में मिलेगा। जीवन में चल रही समस्यायों से आज छुटकारा मिलेगा। धार्मिक महोत्सव में जाने का योग बनेगा। पुराने मित्रों से यादें तरोताजा होगी।

 

मकर(भो,जा,जि,जु,जे,जो,ख,खि,खु,खे,खो,गा,गि) :-व्यवसायी वर्ग आर्थिक रूप से समृद्ध रहने पर भी असंतोषी ही रहेंगे। आपको बहुत से नए अवसर मिल रहे हैं, जिनसे आपके जीवन में उन्नति होगी और अध्यात्मिक रूप से आपके प्रभाव में वृद्धि होगी। किसी किसी खास व्यक्ति से आप लंबे समय से नाराज़ हैं तो उस व्यक्ति को माफ़ करने का प्रयास करें। आज आप भाई बंधुओ के लिये लाभकारी सिद्ध होंगे लेकिन आपके द्वारा दी गई आर्थिक अथवा अन्य प्रकार की सहायता का दुरुपयोग होने की संभावना अधिक है।

 

कुम्भ (गु, गे, गो, सा, सि, सु, से, सो, दा) :-आज आपको नई ऊर्जा मिलेगी और जीवन में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। आज आप किसी से प्रेम करते हैं तो प्रेम में सफलता मिलेगी। प्रियजन के साथ अच्छा समय बीतेगा। अनचाहे ख़यालों को दिमाग़ पर कब्ज़ा न करने दें। आपको लंबे समय से महसूस हो रही थकान और तनाव से आराम मिलेगा। जीवनसाथी या परिवार के किसी बड़े की सलाह मददगार साबित होगी। ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें जो लोग आपकी प्रतिष्ठा को हानि पहुंचा सकते हैं।

 

मीन (दि, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, चि) :-अगर आप प्रयास करते हैं तो लंबे समय से चल रही किसी मित्र या परिवारिक सदस्य के साथ नाराजगी दूर हो सकती है। कुछ ऐसे अनावश्यक खर्चे सामने आएंगे कि जिन पर कटौती करना भी संभव नहीं होगा। आपका मूड भी कुछ उखड़ा-उखड़ा रह सकता है। क्रोध और जिद जैसी नकारात्मक स्वभाव पर अंकुश लगाएं। इसकी वजह से कई बनते काम बिगड़ भी सकते हैं। अपने और परायों में पहचान कराने वाला दिन साबित हो सकता है।

आपका दिन शुभ व मंगलमय हो।

Taja Report
Author: Taja Report

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