मुजफ्फरनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर् शारदेन स्कूल में 3 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत धूमधाम, भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर पूरे विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक झांकियों से बहुत ही सुंदरता के साथ सजाया गया था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. नीलम राय (पत्नी एसएसपी मुजफ्फरनगर) तथा विशिष्ट अतिथि श्रीमती तूलिका श्रीवास्तव (पत्नी एसडीएम) और श्रीमती नीलिमा गौतम (सचिव, मंडी समिति)द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन ने सभी सम्मानित अतिथियों का माल्यार्पण कर और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत व अभिनंदन किया।
समारोह की सबसे खास प्रस्तुति माताओं और बच्चों की रही। स्कूल में “यशोदा और कृष्ण” थीम पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें माताओं ने अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ मिलकर यशोदा और कान्हा के रूप में मनमोहक नृत्य पेश किया। साथ ही, माताओं ने पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक भी की, जिसमें सभी ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इन कार्यक्रमों में श्रीमती अभिलाषा कपूर, श्रीमती साक्षी, दिव्या, सूर्यांशी चौधरी, रुचिका चौधरी, ओम्या सिंह, रितु रानी, विद्या, श्वेता, मोनिका, दिव्या, मनीषी, अर्चना और मीनाक्षी आदि ने भाग लिया। इसके अलावा नन्हे छात्रों ने राधा और कृष्ण की सुंदर पोशाक पहनकर भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर वहां मौजूद सभी शिक्षक और अभिभावक मंत्रमुग्ध हो गए।
मुख्य अतिथि डॉ. नीलम राय ने अपने संबोधन में सभी को जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा कृष्ण लीलाओं का सजीव मंचन और माताओं द्वारा यशोदा का स्वरूप प्रस्तुत करना बेहद सराहनीय है। उन्होंने बच्चों को श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर निडर बनने, हमेशा सत्य के मार्ग पर चलने और अपने बड़ों व शिक्षकों का आदर करने की सीख दी। साथ ही उन्होंने आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक संस्कार देने के लिए स्कूल प्रबंधन की खूब प्रशंसा की।
विद्यालय के निदेशक श्री विश्व रत्न ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माँ ही बच्चे की पहली गुरु होती है और आज का यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव न होकर भारतीय संस्कारों का संगम है। उन्होंने कहा कि स्कूल बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ उच्च जीवन मूल्य देने के लिए हमेशा तत्पर रहेगा।
अंत में स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती धारा रतन ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों को जन्माष्टमी की बधाई दी और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चे अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहते हैं तथा स्कूल व अभिभावकों के बीच का संबंध और मजबूत होता है।


