शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पूरी फीस जमा होने के बाद भी दो विद्यार्थियों की परीक्षा न कराए जाने पर प्राइड एकेडमी पब्लिक स्कूल डांगरोल के प्रधानाचार्य पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
कांधला क्षेत्र के गांव डांगरोल निवासी विकास कुमार ने 28 जुलाई 2017 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में प्राइड एकेडमी पब्लिक स्कूल डांगरोल के प्रधानाचार्य के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था। परिवादी का कहना था कि उसका पुत्र विक्षित व पुत्री वंशिका स्कूल में कक्षा पांच व कक्षा दो में पढ़ते थे। स्कूल ने फरवरी व मार्च का भी शुल्क ले लिया लेकिन रसीद खत्म होने की बात कहकर परिवादी को रसीद नहीं दी थी। उसके बच्चों की परीक्षा मार्च में होनी थी, लेकिन प्रधानाचार्य ने शुल्क जमा नहीं होना बताकर बच्चों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया। इससे परिवादी व उसके बच्चों को मानसिक व सामाजिक क्षति पहुंची।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, सदस्य अभिनव अग्रवाल व अमरजीत कौर ने मामले की सुनवाई करते हुए परिवादी व उसके बच्चों को हुई सामाजिक, शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए दो लाख रुपये, परिवाद व्यय के दस हजार रुपये परिवादी को भुगतान करने के आयोग में जमा करने का आदेश सुनाया।
इसके अलावा स्कूल प्रधानाचार्य द्वारा अनुचित व्यापार व्यवहार व मिथ्या साक्ष्य गढ़कर न्यायालय में दाखिल करने के लिए तीन लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की धनराशि परिवादी को देय न होकर नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी।

