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विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस आयोजन में नैतिक मूल्यों पर जोर

मुजफ्फरनगर। आज श्रीराम कॉलेज के पत्रकारिता एंव जनसंचार विभाग द्वारा विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘‘नैतिक मूल्यों के निर्माण में मीडिया की भूमिका’’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीराम कॉलेज की अध्यक्षा डा पूनम शर्मा रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीराम कॉलेज की प्राचार्या डा0 प्रेरणा मित्तल जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीराम कॉलेज के डीन एकेडमिक डॉ विनीत शर्मा रहे।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं श्रीराम कॉलेज की प्राचार्या डॉ0 प्रेरणा मित्तल ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस हर साल 3 मई को मनाया जाता है. विश्वभर में यह दिन मीडिया के योगदानों को याद करने के लिए समर्पित किया जाता है। यह दिवस हमे मीडिया की आजादी के महत्व के बारे में बताता है और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने के लिए प्रेरित करता है, पत्रकारिता समाज का दर्पण हैं जो समाज की कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाकर उनके प्रति लोगों को जागरूक करके समाज से बुराईयों को दूर करनें का कार्य करता है। साथ ही उन्होनें कहा कि विद्यार्थियों को चाहिए की भविष्य में दृढ़ निश्चय व संकल्प और ईमानदारी के साथ पत्रकारिता करें तो देश व समाज से हर बुराई को मिटाया जा सकता है और देश को एक नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पत्रकारिता एक ऐसा माध्यम है जिसका सकारात्मक प्रयोग देश व समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण होता है।

इस अवसर पर विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस एव नैतिक मूल्यों के निर्माण में मीडिया की भूमिका पर अन्य विद्यार्थियों ने भी अपनें विचार व्यक्त कियें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ प्रेरणा मित्तल, प्राचार्या श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर ने बोलते हुए कहा कि। प्रेस किसी भी समाज का आईना होता है। प्रेस की आजादी से यह बात साबित होती है कि उस देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रेस की स्वतंत्रता एक मौलिक जरूरत है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। प्रेस की आजादी और समाचारों को लोगों तक पहुंचाकर सशक्त हो रहे मीडिया कर्मियों का व्यापक विकास करना इसका उद्देश्य है। मीडिया की शुरूआत ही समाज में लोगों को नैतिक मूल्यों से रू-ब-रू करानें के लिए हुई थी और आज भी लगातार जारी है। समाज में पुरूषों के मुकाबलें महिलाओं के लिंगानुपात में वृद्वि हुई है व ये सब मीडिया की ही देन है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता सही मायंनें में हमें जीना सिखाती है साथ ही समाज व दुनिया के साथ चलना सिखाती है। हमारी नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति हमे समय-समय पर जागरूक करनें का काम करती है।

इस अवसर पर डॉ विनीत कुमार शर्मा, डीन एकेडमिक श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर ने बोलते हुए कहा कि मीडिया समाज का आईना हैं जिसमें हमें समाज में फैली अनैतिकता साफ दिखाई देती है।

कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष डॉ रवि गौतम ने बोलते हुए कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। इससे समझा जा सकता है कि मीडिया कितना महत्वपूर्ण है। लेकिन पत्रकारिता बहुत जोखिम भरा पेशा है। दुनियाभर में आए दिन पत्रकारों पर जानलेवा हमले होते रहते हैं। मीडिया के महत्व और इस पेशे के खतरों को देखते हुए हर साल 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता के सिद्धांतों का जश्न मनाना, मीडिया का मूल्यांकन करना और हमलों से उसकी रक्षा करना और साथ ही कर्तव्य के दौरान अपनी जान गंवाने वाले पत्रकारों को श्रद्धांजलि देना है।

इस अवसर पर विभाग की प्रवक्ता कहकशां मिर्ज़ा कार्यक्रम की संयोजक रही। इसके अतिरिक्त शिवानी बर्मन, मयंक वर्मा आदि प्रवक्ता उपस्थित रहे।

Taja Report
Author: Taja Report

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