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रविवार 30 अगस्त पंचांग एवँ राशिफल

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌤️ *दिनांक – 30 अगस्त 2026*

🌤️ *दिन – रविवार*

🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*

🌤️ *शक संवत -1948*

🌤️ *अयन – दक्षिणायन*

🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*

🌤️ *मास – भाद्रपद ( गुजरात महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*

🌤️ *पक्ष – कृष्ण*

🌤️ *तिथि – द्वितीया सुबह 09:36 तक तत्पश्चात तृतीया*

🌤️ *नक्षत्र – उत्तरभाद्रपद 31 अगस्त रात्रि 03:44 तक तत्पश्चात रेवती*

🌤️ *योग – धृति 31 अगस्त रात्रि 03:46 तक तत्पश्चात गण्ड*

🌤️*राहुकाल – शाम 05:22 से शाम 06:57 तक*

🌤️ *सूर्योदय – 06:22*

🌤️ *सूर्यास्त – 06:55*

👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*

🚩*व्रत पर्व विवरण- व्रत

💥*विशेष- *द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*

💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*

🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

 

🌷 *बहुला चतुर्थी* 🌷

🙏🏻 *भाद्रपद महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार श्रावण मास) को बहुला चतुर्थी व बहुला चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। इस बार यह चतुर्थी 31 अगस्त, सोमवार को है।*

🌷 *ऐसे करें व्रत* 🌷

👩🏻 *महिलाएं इस दिन सुबह स्नान कर पवित्रता के साथ भगवान गणेशजी की आराधना आरंभ करें। भगवान गणेशजी की प्रतिमा के सामने व्रत का संकल्प लें। धूप, दीप, गंध, पुष्प, प्रसाद आदि सोलह उपचारों से श्रीगणेशजी का पूजन संपन्न करें। चंद्र उदय होने से पहले जितना हो सके कम बोलें।*

👉🏻 *शाम होने पर फिर से स्नान कर इसी पूजा विधि से भगवान श्रीगणेशजी की उपासना करें। इसके बाद चन्द्रमा के उदय होने पर शंख में दूध, दूर्वा, सुपारी, गंध, अक्षत से भगवान श्रीगणेशजी का पूजन करें और चतुर्थी तिथि को चंद्र्देव को अर्घ दें। इस प्रकार बहुला चतुर्थी व्रत के पालन से सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही व्रती (व्रत करने वाला) के व्यावहारिक व मानसिक जीवन से जुड़े सभी संकट, विघ्न और बाधाएं समूल नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत संतान दाता तथा धन को बढ़ाने वाला है।*

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

 

🌷 *कजरी तीज* 🌷

🙏🏻 *भाद्रपद मास के तीसरे दिन यानी भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार श्रावण मास तृतीया तिथि) इस बार (31 अगस्त, सोमवार) विशेष फलदायी होती है, क्योंकि यह तिथि माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन भगवान शंकर तथा माता पार्वती के मंदिर में जाकर उन्हें भोग लगाने तथा विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इस दिन कजरी तीज का उत्सव भी मनाया जाता है। कजरी तीज को सतवा तीज भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को फूल-पत्तों से सजे झूले में झुलाया जाता है। चारों तरफ लोक गीतों की गूंज सुनाई देती है।*

🙏🏻 *कई जगह झूले बांधे जाते हैं और मेले लगाए जाते हैं। नवविवाहिताएं जब विवाह के बाद पहली बार पिता के घर आती हैं तो तीन बातों के तजने (त्यागने) का प्रण लेती है- पति से छल कपट, झूठ और दुर्व्यवहार और दूसरे की निंदा। मान्यता है कि विरहाग्नि में तप कर गौरी इसी दिन शिव से मिली थी। इस दिन पार्वती की सवारी निकालने की भी परम्परा है। व्रत में 16 सूत का धागा बना कर उसमें 16 गांठ लगा कर उसके बीच मिट्टी से गौरी की प्रतिमा बना कर स्थापित की जाती है तथा विधि-विधान से पूजा की जाती है।*

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

 

🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷

➡ *31 अगस्त 2026 सोमवार को संकष्ट चतुर्थी चन्द्रोदय रात्रि (08:36)*

🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*

👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*

🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*

🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।*

🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*

🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*

🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*

🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*

🙏🏻

 

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏🏻🌹जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें बधाई ओर शुभ आशीष 🌹

 

अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं। ऐसे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अकसर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं।

 

शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

 

शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9,

 

शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052,

 

ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु

 

शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी

 

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :

नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। आपके लिए यह वर्ष सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे

दैनिक राशिफल

 

मेष – कहीं रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सबेरे निपटा लें। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शुभांक-3-6-8

 

वृष – शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। पत्नी व संतान पक्ष से थोड़ी चिंता रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना। मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। शुभांक-4-5-6

 

मिथुन – शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। शुभांक-2-4-5

 

कर्क – रुपए पैसों की सुविधा नहीं मिल पाएगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। मेहमानों का आगमन होगा। शुभांक-3-6-9

 

सिंह – समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढऩे के आसार रहेंगे। यात्रा शुभ रहेगी। अपने काम को प्राथमिकता से करें। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे है। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते है। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6

 

कन्या – आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे है। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-7-8-9

 

तुला – निर्मूल शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते है। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। शुभांक-6-8-9

 

वृश्चिक – घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। बढ़ते घाटे से कुछ राहत मिलने लगेगी। दवा-दारू में ज्यादा खर्च होगा। हाथ में आने वाला धन भी किसी अवरोध का शिकार हो जाएगा। व्यापार में स्थिति उत्तम रहेगी। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग है। शुभांक-5-6-9

 

धनु – चापलूस मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। शत्रुभय, चिंता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शैक्षणिक क्षेत्र में उदासीनता रहेगी। सब्र का फल मीठा होता है अत:धैर्य रखें व अच्छे समय इन्तजार करें। शुभांक-5-7-8

 

मकर – थोड़े प्रयास से कार्य सिद्घ होंगे। घर-परिवार में मांगलिक कार्य सम्पन्न होने से वातावरण आनन्द देने वाला बना रहेगा। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। सुबह-सुबह की महत्त्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह बना रहेगा। किये गए कार्यों का प्रतिफल मिलेगा। शुभांक-4-6-7

 

कुम्भ – कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। दिन-भर का माहौल आडंबरपूर्ण और व्ययकारी होगा। वरिष्ठ लोगों से कहासुनी वातावरण में तनाव पैदा करेंगे। संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान, अवसाद रहेगा। जरा-सी लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती हैं। शुभांक-3-5-7

 

मीन – प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच अप्रत्याशित लाभ होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। शुभांक-2-4-6

Taja Report
Author: Taja Report

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