वाराणसी । प्रदेश व्यापी अभियान में सैंपलिंग के बाद अधोमानक मिली 32 दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इनमें लिवर की प्रचलित दवा लिव-52 भी शामिल है। इसमें मंडूर भस्म व दारुहरिद्रा का मिश्रण मानक के अनुरूप नहीं मिला।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारियों को इन दवाओं की बिक्री रोकने का निर्देश दिया गया है। इस पर विभाग द्वारा छापेमारी जारी है। मानक विरुद्ध पाई गई दवाओं में प्रेडनिसोलोन व बीटामेथासोन नामक स्टेरायड, आइबोप्रोफेन व डाइक्लोफिनेक नामक दर्द निवारक, ग्लीम्पैराइड नामक मधुमेह की दवा व सिलिडिनाफिल नामक यौन उत्तेजना की दवा का अपमिश्रण पाया गया। नकली मिली दवाओं में ज्वाला दाद, रूमो प्रवाही, सुंदरी कल्प सिरप, त्रयोदशांग गुग्गुल, वेदांतक वटी, एसीन्यूट्रा लिक्विड, आंवला चूर्ण, सुपरसाेनिक कैप्सूल, बोस्टा 400 टेबलेट, बायना प्लस कैप्सूल दवाएं नकली पाई गई हैं। सीतापुर, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, गौतम बुद्ध नगर व कानपुर नमूने लिए गए थे।

