लखनऊ। एक ओर जहां कई राज्यों में फ्री बिजली दी जा रही है वहीं यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को झटका देने की तैयारी है। पावर कारपोरेशन घरेलू और वाणिज्यिक सहित सभी तरह के नए कनेक्शन की दर बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। विद्युत नियामक आयोग में यह प्रस्ताव मंजूर हुआ तो नया कनेक्शन लेना करीब 100 प्रतिशत तक महंगा हो सकता है।
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिसिटी राइट ऑफ कंस्यूमर रूल 2020 की धारा 4 के तहत विद्युतीकृत क्षेत्र के लिए 150 किलोवाट तक के विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन चार्ज को फिक्स करने का कानून बनाया है। इसके तहत बनने वाली नई कॉस्ट बुक में उसे शामिल करने के लिए विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों व पावर कॉरपोरेशन से प्रस्ताव मांगा है। पावर कारपोरेशन ने नियामक आयोग में दाखिल प्रस्ताव में आने वाले समय में प्रदेश के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के नए कनेक्शन की दरों में 100 प्रतिशत तक वृद्धि होने का प्रस्ताव रखा है। विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी कार्ड बुक के तहत 40 मीटर की परिधि में विद्युतीकृत एरिया में विद्युत उपभोक्ता को कॉस्ट डाटा बुक के तहत प्रोसेसिंग फीस सिक्योरिटी डिपाजिट, लाइन चार्ज, मीटर कास्ट को कॉस्ट डाटा बुक के आधार पर एस्टीमेट दिया जाता है। इसी में बिजली का कनेक्शन मिल जाता है। पावर कारपोरेशन ने 40 मीटर की परिधि को अपने प्रस्ताव से गोल कर दिया और अप टू 100 मीटर प्रस्तावित कर लाइन चार्ज की दरों मे बढोत्तरी दे दी। इससे 40 मीटर की परिधि वाले उपभोक्ता की भी कनेक्शन की दरों में वृद्धि होने की आशंका है।
उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि पावर कारपोरेशन के नए प्रस्ताव में अप टू 100 मीटर तक लाइन चार्ज जो प्रस्तावित किया, उसमें एक किलोवाट से 2 किलोवाट तक 1500 रुपया चार्ज रखा है, जो अभी तक केवल 150 रुपया था। साथ ही 3 से 4 किलोवाट का 3500 रखा है, अभी तक केवल 398 था। इसी तरह 5 से 10 किलो वाट का 10000 रुपया, जो अभी तक केवल 2036 था। इसी प्रकार आगे 51 किलोवाट से 150 किलोवाट का 122000 रुपया प्रस्तावित किया है। वहीं 100 मीटर से 250 मीटर की अलग-अलग दरें लाइन चार्ज की प्रस्तावित की हैं। साथ ही 250 मीटर के ऊपर की भी दरें मनमाने तरीके से प्रस्तावित कर दी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बुधवार को विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने बिजली की कनेक्शन की दरें बढाने का प्रस्ताव तत्काल वापस लेने की मांग की।

