लखनऊ। यूपी में बड़ पैमाने पर भर्तियों का पिटारा खुलने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रियाओं के संबंध में बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न बोर्ड व आयोगों के अध्यक्ष एवं शासन के अधिकारी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, डीजीपी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, ACS मुख्यमंत्री एसपी गोयल, अपर मुख्य सचिव गृह दीपक कुमार, UP STF चीफ एवं ADG एलओ अमिताभ यश, यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड अध्यक्ष राजीव कृष्ण भी बैठक में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा प्रदेश में सकुशल संपन्न हुई है, यह एक मॉडल बना है। परीक्षा की इस प्रक्रिया को अन्य भर्ती बोर्ड द्वारा भी अपनाया जाए। प्रदेश में ई-अधियाचन पोर्टल की व्यवस्था की गई है। सभी विभाग इसका उपयोग कर अधियाचन प्राप्त करें।जिन विभागों में नियुक्ति की जानी है, वहां से तत्काल अधियाचन आयोग को भेजकर नियुक्ति प्रक्रिया को संपन्न कराया जाए। किसी भी विभाग की तरफ से भर्ती प्रक्रिया को लेकर पेंडेंसी न हो। हर हाल में समय सीमा के अंदर सुचारु रूप से सभी प्रक्रियाएं संपन्न की जाएं। ट्रांसपोर्ट, एजेंसी एवं परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया में सावधानी बरती जाए। गोपनीयता हर हाल में सुनिश्चित की जाए, अधिकृत एजेंसी के साथ चयन बोर्ड व आयोग का MoU भी होना चाहिए। किसी भी प्राइवेट संस्था को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए, केवल राजकीय व राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। परीक्षा केंद्र का चयन जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशन में किया जाए। परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के संबंध में सभी बोर्ड एवं आयोग के अध्यक्ष, मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक करें। परीक्षा के दौरान ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व सीसीटीवी की भी सहायता ली जाए। अफवाहों को रोकने पर पूरा ध्यान दिया जाए। चिकित्सा व तकनीकी विभागों में स्थानीय स्तर पर बोर्ड गठित करके शीघ्र भर्ती की जाए। सभी भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण के नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित हो।

