मुजफ्फरनगर। यू.जी.सी. के कथित भेदभावपूर्ण नए प्रावधानों (UGC Equity Regulations 2026) को रद्द करने के संबंध में आज जोरदार प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।
प्रधानमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि हम संयुक्त स्वर्ण समाज, मुजफ्फरनगर के सभी घटक – ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, कायस्थ, पंजाबी आदि समाज के प्रबुद्धजन कृष्ण गोपाल मित्तल,शलभ गुप्ता एडवोकेट,संजय मिश्रा,विजय प्रताप सिंह,सुनील तायल,गीता ठाकुर,गुंजन गर्ग,विकी चावला के नेतृत्व में आज दिनांक 23/09/2026, दिन बुधवार को टाउन हॉल मुजफ्फरनगर से जिलाधिकारी कार्यालय, मुजफ्फरनगर तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर यह ज्ञापन आपके माध्यम से प्रेषित कर रहे हैं।
हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को लेकर जारी किए गए नए दिशानिर्देशों में कुछ ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं, जिससे समाज में भारी आक्रोश है। इन नियमों में शिकायत और कार्रवाई की प्रक्रिया एकतरफा प्रतीत होती है, जिससे उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों में भय और असुरक्षा का भाव पैदा हो गया है। हमारा मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य सबको जोड़ना होना चाहिए, तोड़ना नहीं। किसी भी कानून का आधार अपराध होना चाहिए, जाति नहीं।
*हमारी मुख्य मांगें :*
*1.* यू.जी.सी. के काले कानून को तत्काल रद्द किया जाए। UGC (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations 2026 में जो एकतरफा और भेदभावपूर्ण प्रावधान हैं, उन्हें वापस लिया जाए।
*2.* शिक्षा में अलगाव बंद हो। कैंपस में किसी भी प्रकार के जातिगत विभाजन, अलगाव या द्वेष को बढ़ाने वाले नियम न बनाएं। शिक्षा में केवल मेरिट और अनुशासन का आधार हो।
*3.* समानता का अधिकार (Right to Equality – अनुच्छेद 14, 15) लागू हो। SC/ST Act की तरह ही सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भी सुरक्षा का प्रावधान हो कि उन पर झूठी शिकायत होने पर दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष जांच समिति हो। कानून सबके लिए समान हो।
*4.* आरक्षण आर्थिक कमजोरी के आधार पर दिया जाए।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि स्वर्ण समाज की इस जायज मांग को भारत सरकार तक पहुँचाकर इस काले कानून को रद्द कराने की कृपा करें।
हमें पूर्ण विश्वास है कि सबका साथ, सबका विकास की नीति पर चलने वाली हमारी सरकार हम करोड़ों सामान्य वर्ग के लोगों के साथ न्याय किया जाए।
मुख्य रूप से मांग पत्र देने वालों में कृष्ण गोपाल मित्तल, शलभ गुप्ता एडवोकेट, संजय मिश्रा, विजय प्रताप,विकी चावला, जनार्दन विश्वकर्मा,सुनील तायल,बलविंदर सिंह,राजकुमार कालरा,गुंजन गर्ग, गीता ठाकुर,नीलू तायल,आलोक गर्ग एडवोकेट,अश्वनी शर्मा,सुमित गोयल,अंकुर गुप्ता,प्रमोद कर्णवाल,नीरज कर्णवाल,रानू अरोड़ा, माही, वैभव गुप्ता, गुंजन, करिश्मा, परमित मित्तल, अल्पेश तयाल, रीना, हरिओम त्यागी, आशीष कुमार, गीता ठाकुर, गौरव गुप्ता, सुमित कुमार पंवार, पूनम, दीपक छाबड़ा (वकील), अरविन्द सोपल, अंजनी सिंघल, विनीत कुमार गर्ग, मदन कुमार, राजीव गोयल, पंकज कुमार, मनीष गुप्ता, रिंचिका अरोड़ा, मनोज कुमार, अक्षित अग्रवाल, सुनील कुमार, गौरव नरूला, आकाश अग्रवाल, पंकज लूथरा, नीरज कांबोज, दीपा रस्तोगी, शिवम सिंघल, शांतनु राघव, गगन गोयल, विपिन मित्तल शाहपुर, यश शर्मा, सुभाष जांगिड़, जीता शर्मा, विक्की, सुशील कुमार टोली (नामदेव), प्रिंस अग्रवाल, नीलू तयाल, सूरजवीर सिंह, टीना, नीरज कर्णवाल, रवि शर्मा (गुड़ मंडी), सुरेश गुप्ता, विशाल गोयल, जितेन्द्र मित्तल, सत्यप्रकाश कुशवाहा, कमल मित्तल, प्रो. शलोक कुमार सिंघल, रणवीर सिंह जादौन, संतोष माथुर, बॉबी, आलोक कुमार अरोड़ा, प्रीती, मयंक बंसल, बबीता, योगेश कुमार गुप्ता, अमित सिंघल, संजय राणा,अमित कुमार गुप्ता एडवोकेट,जनार्दन स्वरूप,आकाश अग्रवाल,सूरज त्यागी,रवि शर्मा,राजीव मोहन शर्मा,सौरभ मित्तल,योगेश भगत जी,विजय बाटा,अशोक रस्तोगी,हरिओम त्यागी,प्रमोद ठाकुर,रमित मित्तल,मोहित सिंघल एडवोकेट,अमित मित्तल एडवोकेट,अभिलाष मित्तल एडवोकेट,अंकुर गोयल,आलोक सिंहल,पंकज राजवंशी,अजय गुप्ता,नितिन गोयल,दीपक मित्तल सर्राफ ,अभिमन्यु मित्तल सर्राफ,विपिन गुप्ता,अरविंद गोयल आदि सेकड़ो की संख्या मै संयुक्त स्वर्ण समाज के प्रबुद्धजन मौजूद रहे !


