मुजफ्फरनगर । सुरक्षा हटने पर पूर्व मंत्री डॉ संजीव बालियान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख पुलिस पर सवाल उठाए हैं। पत्र में लिखा है –
आपके संज्ञान में एक प्रकरण लाना चाहता हूँ। हो सकता है यह मुज़फ्फरनगर पुलिस अधिकारियों के द्वारा आपके संज्ञान में न लाया गया हो। खानुपूर गाँव में एक ज़मीन मंदिर एवं धर्मशाला के लिए मंसूरपुर डिस्टिलरी के कर्मचारियों के द्वारा खरीदी गई थी। पूर्व की सरकार के अधिकारियों से मिलीभगत कर यह जमीन डिस्टिलरी द्वारा अपने नाम दाखिल खारिज करा लिया गया था। 1 जनवरी को मुज़फ्फरनगर पुलिस अधिकारियों के साथ साँठगांठ कर डिस्टिलरी द्वारा मंदिर एवं धर्मशाला की ज़मीन पर कब्जा कर लिया गया था और ग्रामवासियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए थे इसके विरोध में 12 जनवरी को ग्रामवासियों के साथ में स्वयं मंसूरपुर थाने गया था। इससे पूर्व भी कई बार मुज़फ्फरनगर पुलिस की संपत्ति विवाद में संलिप्तता की शिकायत मेरे द्वारा पुलिस उच्चाधिकारियों को की गई थी। आपकी जीवन यात्रा को देखते हुए मुझे विश्वास है कि मंदिर एवं धर्मशाला की जमीन कब्जाने के मामले मे आप न्यायउचित कार्यवाही करेंगे।
मुज़फ्फरनगर पुलिस के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने की वजह से मेरी समस्त सुरक्षा वापिस ले ली गई है। आप जानते है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी मुझ पर जानलेवा हमला हुआ था। अगर भविष्य में भी पुनः हमला हुआ तो इसकी ज़िम्मेदारी प्रदेश सरकार के अधिकारियों की होगी। मुझे अपनी सुरक्षा की चिंता नहीं है। मेरी सुरक्षा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता के हाथ में है। लेकिन एक पूर्व केंद्रीय मंत्री के साथ पुलिस का यह व्यवहार है तो आम भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता के क्या हालात होंगे।



