मुजफ्फरनगर। फ़र्म्स सोसाइटी एंड चिट्स सहारनपुर मंडल के सहायक रजिस्ट्रार के उस आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निस प्रभावी कर दिया है जिसमे सहायक रजिस्ट्रार ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर एसोसिएशन के चुनाव से चुनी गई कार्यकारिणी को कालातीत घोषित कर दिया था जिसे एसोसिएशन ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी और कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सहायक रजिस्ट्रार, फर्म, सोसायटी और चिट, सहारनपुर द्वारा दिनांक 05.08.2026 को पारित विवादित आदेश का प्रभाव और संचालन अगली सुनवाई की तारीख तक स्थगित रहेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने याचिकाकर्ता दी मुजफ्फरनगर गुड खंडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल और सचिव निशांक गर्ग (अंकित )की ओर से विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता श्री प्रभाकर अवस्थी, जिनकी सहायता श्री सुमित डागा, विद्वान अधिवक्ता कर रहे थे, और राज्य की ओर से विद्वान स्थायी अधिवक्ता श्री आर.पी. तिवारी की दलीलें सुनी गईं।
यह याचिका सहायक रजिस्ट्रार, फर्म सोसाइटी और चिट, सहारनपुर द्वारा दिनांक 05.08.2026 को पारित आदेश को रद्द करने के लिए सर्टिओरारी के रूप में दायर की गई है।याचिकाकर्ता दी गुड खंडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल और महामंत्री निशांक गर्ग (अंकित )के विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने निवेदन किया है कि रजिस्ट्रार/सहायक रजिस्ट्रार को प्रबंधन समिति के चुनाव की वैधता या अवैधता पर निर्णय देने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
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