मुजफ्फरनगर । शहर में श्री बालाजी शोभायात्रा के दौरान आज सैंकड़ों स्थानों पर भंडारों में विभिन्न प्रकार के व्यंजन उपलब्ध रहे। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। रसोई गैस की किल्लत के बावजूद भंडारों की तादाद में कमी नहीं थी। रेडी टू ईट खाद्य सामग्री के साथ कोल्ड ड्रिंक और पानी भी पूरा शहर भक्ति और सेवा भाव में डूबा हुआ है।
बाला जी शोभायात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए कदम-कदम पर भंडारे सुबह से ही शुरू हो गए थे। इनमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें हलवा, आलू-पूड़ी, कढ़ी-चावल, खीर, खिचड़ी, कोल्ड ड्रिंक और पानी शामिल था। तमाम भक्त श्रद्धालुओं का स्वागत करते नजर आए। कई स्थानों पर शोभायात्रा के आगे बढ़ने के साथ तैयारियां पूरी कर उन्हें शुरू किया जा रहा है। शहर, नई मंडी और गांधी कॉलोनी के साथ तमाम स्थानों पर इन भंडारों का आयोजन शहर के समाजसेवी, व्यापारी, विभिन्न संस्थाएं, संगठन और आम नागरिक अपने स्तर पर नि:शुल्क सेवा भाव से इन्हें संचालित कर रहे थे। दो वर्ष पहले शोभायात्रा मार्ग पर लगभग 270 भंडारे लगाए गए थे, जो इस बार बढ़कर चार सौ से अधिक पहुंच गए हैं। ये भंडारे केवल मुख्य मार्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर के विभिन्न अन्य स्थानों पर भी आयोजित किए गए हैं। शोभायात्रा मुजफ्फरनगर के शिव चौक से शुरू होकर कूकड़ा मंडी, नई मंडी, शहर के विभिन्न मार्गों और गांधी कॉलोनी से होते हुए श्री बालाजी मंदिर तक पहुंचती है। शिव चौक से मंदिर की सीधी दूरी 4 किलोमीटर है, लेकिन भ्रमण के कारण यात्रा की कुल दूरी लगभग 13 किलोमीटर हो जाती है। शोभायात्रा के दौरान जहां एक ओर श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भंडारों के माध्यम से सेवा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। पूरा शहर इस आयोजन में अपनी भागीदारी निभा रहा है, जिससे यह शोभायात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गई है।


