मुजफ्फरनगर । श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार मुजफ्फर नगर के सौजन्य से मयूर महल में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग के प्रथम दिवस के दिव्य गीता सत्संग में महा मंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंंद महाराज जी का स्वागत सत्य प्रकाश रेशू , सीता राम शर्मा जेल अधीक्षक ने किया उसके पश्चात प्रिया किशोरी जी जो की वृन्दावन से पधारी थी जिन्होंने ने बताया कि सत्संग बहुत ही मुश्किल से मिल पाता है ज्ञानानंद महाराज जी ने बताया कि गीता उपदेश 5161 वर्ष पुरानी घटना है तब का दिया उपदेश किस प्रकार से हमारे जीवन में उपयोगी है आगे बताया कि गीता में दिव्य दृष्टि का भी वर्णन किया गया कि किस प्रकार से अर्जुन ने भगवान कृष्ण से विराट स्वरूप के दर्शन को दिव्य दृष्टि दी तभी अर्जुन विराट स्वरूप के दर्शन कर पाया अंधे की संतान अंधी होती है ऐसा कहने पर ही महाभारत युद्ध हुआ गीता साधु संन्यासी का ग्रन्थ नहीं गीता जी सब का ग्रन्थ है गीता में तो क्या खाना है कितना खाना है ये सब बताती है डा के लिए गीता का उपयोग क्या है ये भी गीता में बताया गया है आगे बताया कि द्रोपदी के दो प्रश्न कि जब युधिस्ठिर हार गया था तो मुझे कैसे जुए में लगा सकता है उसका कोई भी उत्तर नहीं दे पाए पूरी सभा में सब चुप हो गए कार्यक्रम को सफल बनाने में एड अमर कांत गुप्ता सुरेन्द्र गुप्ता सुरेन्द्र अग्रवाल कुंज बिहारी अग्रवाल श्याम लाल बंसल महेंद्र गोयल गिरीश अग्रवाल कमल गोयल अतुल कुमार गर्ग सुभाष गर्ग रामवीर सिंह आर के मलिक राकेश बिंदल, अमित गर्ग राजीव जैन मनोज जैन अजय गर्ग डा विवेक डा नेहा अजय अग्रवाल लोकेश चन्द्र प्रेम प्रकाश अरोरा का सहयोग रहा कार्यक्रम का संचालन अमर कांत गुप्ता व अतुल कुमार गर्ग ने किया


