—ग्राम प्रधान समेत पांच लोगों पर सरकारी धन के गबन और करोड़ों रुपये लेकर अवैध निर्माण कराने का लगाया आरोप।
—हमीदुल्ला ने अधिकारियों से मुख्यमंत्री तक लगाई गुहार, जांच, एफआईआर और कब्जा हटाने की मांग
मुजफ्फरनगर। गांवों में जलस्रोतों को बचाने और सरकारी धन के सदुपयोग के दावों के बीच शहर से सटे ग्राम शेरपुर में करीब 9 बीघा 12 बिस्से के जोहड़ को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। तालाब (जोहड़) की जमीन पर 50 से 60 पक्के मकान बनवाए जाने, लोगों से कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूलने और तालाब की सफाई व चारदीवारी के लिए आए सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया गया है। मामले में ग्राम प्रधान शुऐब पुत्र गनी नम्बरदार समेत पांच लोगों के खिलाफ जांच कराकर मुकदमा दर्ज कराने और कथित अवैध कब्जे हटवाने की मांग की गई है। बुधवार को शेरपुर निवासी हमीदुल्ला पुत्र याहिया ने मीडिया सेंटर पर पत्रकारों से वार्ता कर ग्राम प्रधान शुऐब पुत्र गनी नम्बरदार सहित पांच लोगों पर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने और अपनी जेब गरम कर करोड़ो के गबन का आरोप लगाया है।
हमीदुल्ला ने आरोप लगाया है कि ग्राम शेरपुर, परगना व तहसील सदर स्थित खसरा संख्या 664 राजस्व अभिलेखों और शजरे में जोहड़ के रूप में दर्ज है। हमीदुल्ला ने जलस्रोत चकबंदी से पहले से मौजूद होने का दावा किया है । आरोप है कि जोहड़ के निकट हमीदुल्ला के खेत भी स्थित हैं। आरोप है कि इस जमीन पर कथित कब्जे से ग्राम समाज की संपत्ति तथा सार्वजनिक जलस्रोत के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच जोहड़ की सफाई और चारों ओर पक्की बाउंड्री बनवाने के लिए ग्राम समाज के खाते में सरकारी धन आया था। आरोप है कि ग्राम प्रधान शुऐब ने वाकिब, सद्दाम, शावेज और साकिब के साथ मिलकर इस धन का कथित गबन किया है। हमीदुल्ला का दावा है कि न तो अपेक्षित सफाई कराई गई और न ही बाउंड्री का निर्माण हुआ, जबकि भुगतान के लिए कथित रूप से फर्जी बिल तैयार कर जमा किए गए। आरोप लगाया गया है कि (तालाब) जोहड़ की जमीन पर लोगों से कथित तौर पर रकम लेकर 50 से 60 पक्के मकान बनवा दिए गए। हमीदुल्ला ने इस सिलसिले में 10 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली का दावा किया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में रकम के लेन-देन और प्रत्येक निर्माण से संबंधित विस्तृत साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। हमीदुल्लाह और ग्रामीणों ने एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर तथा अन्य अधिकारियों को पहले भी शिकायतें करने के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है। हमीदुल्ला ने दावा किया है कि मामले को उठाने पर परिवार सहित जिंदा दफन कराने की धमकी दी जा रही है। हमीदुल्ला ने दावा किया है कि गत 21 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्य विकास अधिकारी, मुजफ्फरनगर को प्रतिलिपि भेजी गई थी। हमीदुल्लाह ने पूरे मामले की वीडियोग्राफी के साथ निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, सरकारी धन के कथित गबन की जांच तथा जोहड़ से कब्जे हटाकर उसे मूल स्वरूप में बहाल कराने की मांग की है। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से हमीदुल्ला एवं अहसान उलहक मौजूद रहे।


