मुज़फ्फरनगर । मुज़फ्फरनगर में CRPC की धारा 145 के तहत सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए , आज तहसीलदार सदर ने 146 की कार्यवाही कर मैढ़ राजपूत सोनार सभा धर्मशाला को कब्ज़ा मुक्त कराते हुए समाज के दो व्यक्तियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी। कार्यवाही के चलते धर्मशाला में भारी संख्या में पुलिस बल दिखाई पड़ा वंही स्वर्णकार समाज के सैंकड़ो व्यक्तियों का जमावड़ा रहा। 22 वर्षो के बाद कब्जा मुक्त हुयी धर्मशाला को लेकर स्वर्णकार समाज में ख़ुशी की लहर।
आज मुज़फ्फरनगर के भगत सिंह रोड पर स्थित मैढ़ राजपूत सोनार सभा धर्मशाला मुज़फ्फरनगर में तहसीलदार सदर मजिस्ट्रेट राधे शयाम गौड़ और क्षेत्र के लेखपाल संजीव शर्मा ने अपनी टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में पिछले 22 वर्षो से अवैध रूप से काबिज बिरला सिंह और पुत्र उत्तम सिंह के कब्जे से मुक्त कराते हुए स्वर्णकार समाज के दो सभ्रांत व्यक्तियों को धर्मशाला की जिम्मेदारी सौंप दी गयी है। वंही दोनों पक्षों की और से लिए गए दोनों व्यक्तियों ने धर्मशाला में अपने अपने ताले लगाकर धर्मशाला को तब तक के लिए बंद बंद कर दिया गया है जब तक की धर्मशाला में चुनाव होकर कोई नई कमेटी नहीं बनती। आपको बता दे की मुज़फ्फरनगर में स्थित यह धर्मशाला लगभग 60 वर्ष पहले स्वर्णकार समाज के पूर्वजो द्धारा यह धर्मशाला इस उदेश्य से बनायीं गयी थी जिससे समाज के व्यक्तियों के किसी भी सामाजिक या अन्य किसी समारोह के लिए इस्तेमाल की जा सके। सं 2001 से इस धर्मशाला पर बिरला सिंह और उसके पुत्र उत्तम सिंह अवैध रूप से काबिज चले आ रहे थे। 2002 के बाद न तो इस धर्मशाला का कोई नवीनीकरण ही कराया गया और न ही कोई चुनाव कराकर नई कार्यकारिणी का ही गठन किया गया। जिस पर धर्मशाला के संरक्षकों और आजीवन सदस्यों द्धारा रजिस्ट्रार सोसाइटी सहारनपुर के यंहा शिकायत की गयी दोनों पक्षों द्धारा दीये गए साक्ष्यों की सुनवाई के चलते उक्त धर्मशाला को कालातीत घोषित कर चुनाव कराये जाने के आदेश जारी किये गए थे वंही स्वर्णकार समाज के संरक्षकों और आजीवन सदस्यों द्धारा जिला प्रसाशन को भी धर्मशाला पर काबिज बिरला सिंह और उत्तम सिंह की शिकायत की गयी थी। जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों पक्षों द्धारा प्रेषित किये गए साक्ष्यो और बहस के बाद CRPC की धारा 145 की कार्यवाही करते हुए धर्मशाला को कुर्क कर तहसीलदार सदर को रिसीवर नियुक्त कर धर्मशाला को कब्जा मुक्त कराने के आदेश जारी किये गए थे। जिसके चलते आज तहसीलदार सदर ने आदेश का अनुपालन करते हुए धर्मशाला को कब्ज़ा मुक्त कराया है। कार्यवाही के चलते धर्मशाला के बहार सोनार समाज समन्वय समिति के अध्यक्ष पवन वर्मा के सैंकड़ो स्वर्णकार समाज के सैंकड़ो लोग उपस्थित रहे वंही कुछ घंटो की चली कार्यवाही में धर्मशाला को छावनी में तब्दील कर दिया गया। धर्मशाला में मौजूद बिरला सिंह और उसके पुत्र उत्तम , और उसके दो बेटो द्धारा पुलिस प्रसाशन की मौजूदगी में बदतमीजी कर माहौल ख़राब करने का प्रयास किया गया लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखकर धर्मशाला को कब्ज़ा मुक्त करा दिया। कार्यवाही के चलते धर्मशाला के बाहर मुख्य रूप से राम गोपाल मुनीम संरक्षक, जगदीश वर्मा संरक्षक, गोपाल कृष्ण वर्मा संरक्षक , नीरज वर्मा संरक्षक , शिवकुमार वर्मा प्रॉपर्टी डीलर ,सतीश फौजी ,राजेश वर्मा पूर्व सभासद सुशील वर्मा डाई वाले ,सुनील वर्मा टीवी पत्रकार, राजेश सोनी, सुभाष चंद्र वर्मा, सचिन वर्मा कवाल, सुनील राजपूत बरवाला, मनोज वर्मा पाजेब वाले ,अनिल वर्मा ,मोहनलाल वर्मा ,नरेंद्र भारती, दीपक वर्मा ,मास्टर तिरसपाल वर्मा ,सुभाष वर्मा ,संदीप वर्मा राहुल वर्मा, मोनू वर्मा ,कार्तिक वर्मा विजयपाल वर्मा ,शिवम वर्मा, मुकेश वर्मा, सुधीर वर्मा , पंकज वर्मा ,भूषण वर्मा ,सौरभ वर्मा ,राधेश्याम वर्मा पत्रकार ,कोकील वर्मा ,अनिल वर्मा खतौली ,नरेश वर्मा कुतुबपुर वाले, महेश वर्मा, दिनेश वर्मा , रवींद्र वर्मा बिरालसी , मास्टर तरस पाल वर्मा , विकास वर्मा मौजूद रहे धर्मशाला की कब्जा मुक्त कार्यवाही के बाद पवन वर्मा द्वारा स्वर्णकार समाज के सैकड़ो व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज से आग्रह किया कि वह इस लड़ाई में अपनी एक जुटाता का परिचय आगे भी देंगे।


