मुजफ्फरनगर। जिले की खतौली तहसील में उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को ठेंगा दिखाने वाले लेखपाल पर तहसील प्रशासन ने गाज गिराई है। खतौली तहसील में उप जिलाधिकारी डॉ. ललित कुमार मिश्रा ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए गांव दिनकरपुर क्षेत्र के लेखपाल अमित कुमार को 300 रुपये की रिश्वत के मामले तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। लेखपाल पर आरोप है कि उसने आय एवं जाति प्रमाण पत्र जल्दी जारी करने के नाम पर ₹300 की रिश्वत मांगी थी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में एक कथित ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो गई। इस ऑडियो में ग्राम प्रधान बसाढ़ा और आरोपी लेखपाल अमित कुमार के बीच सीधे तौर पर लेनदेन की बात हो रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि लेखपाल ने नकद के बजाय आधुनिक तरीका अपनाते हुए बारकोड के माध्यम से ₹300 भेजने की बात कही।
वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्रा ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने इसे प्रथम दृष्टया राजस्व विभाग की गरिमा और आचरण नियमावली के सर्वथा विपरीत माना। एसडीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लेखपाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की और निलंबन आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए।एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार की भ्रष्ट गतिविधियां सरकार की साफ-सुथरी छवि और जीरो टॉलरेंस की नीति को धूमिल करती हैं। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तहसील प्रशासन ने केवल निलंबन पर ही इतिश्री नहीं की है, बल्कि आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच के चक्रव्यूह को भी कड़ा कर दिया है। एसडीएम ने खतौली तहसीलदार को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच सौंपते हुए एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद से पूरी तहसील के राजस्व कर्मियों और लेखपाल संघ में हड़कंप मचा हुआ है।


