मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब खतौली कोतवाली क्षेत्र स्थित गंग नहर कावड़ पटरी मार्ग पर सड़क किनारे कूड़े के ढेर पर सरकारी दवाइयां की बड़ी खेप लावारिश पड़ी हुई बरामद हुई।
जिसकी सूचना खतौली सीएचसी प्रभारी सतीश कुमार टीम के साथ खुद मौके पर पहुंचे थे। जिसके बाद इन दवाईयों की जांच पड़ताल करते हुए स्वास्थ्य कर्मी द्वारा इन्हें जप्त कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस लावारिस दवाईयों की खेप में कुछ दवाइयां एक्सपायर है और कुछ सही है।
अखिर कहाँ से आयी ये दवाइयां जिला स्वास्थ विभाग के अधिकारियों के साथ साथ जिला प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है। केंद्र और राज्य सरकार फ्री में स्वास्थ सेवा देने के लिए तैयार है परन्तु जिले में बड़े पैमाने पर इस तरह की खामियों को पकडा जा सकता है। जब से मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पदभार ग्रहण किया है। तही से जिले में इस तरह की ओर भी घटना हो चुकी है
वो खुद भी सरकार के स्थान पर व्यक्तिगत रूप से चिकित्सा देते हुए पकड़े गए हैं।


