मुजफ्फरनगर । रालोद ने भी मीरापुर सीट पर उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया है। रालोद के सिंबल पर मिथलेश पाल चुनाव लड़ेंगी। मिथलेश पाल का मुकाबला सपा प्रत्याशी सुंबुल राणा से होगा। मिथलेश पाल 25 अक्टूबर शुक्रवार को मीरापुर विधानसभा सीट के लिए नामांकन करेंगी। 25 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, उर्जा राज्य मंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर, वन राज्यमंत्री केपी मलिक, आरएलडी बीजेपी गठबंधन के कई बड़े नेता भी नामांकन में मौजूद रहेंगे। अपने राजनीतिक कैरियर की शुरूआत मिथलेश पाल ने 1995 में बसपा पार्टी की तरफ से जिला पंचायत सदस्य बनकर की थी। इसके बाद 2007 में रालोद के टिकट पर वह मोरना विधानसभा सीट से चुनाव भी जित चुकी हैं। ज्ञात हो कि 2012 से पहले यूपी में मोरना विधानसभा हुआ करती थी. जोकि अब मीरापुर विधानसभा का हिस्सा है. भाजपा-रालोद गठबंधन में उपचुनाव के लिए मीरापुर सीट रालोद के लिए छोड़ दी गई थी। रालोद की तरफ से पिछड़ा अथवा अति पिछड़ा वर्ग से प्रत्याशी उतारे जाने के कयास लगातार लगाए जा रहे थे। कई दिन से प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार था।
टिकट की दावेदारी करने वाले रालोद के नेता कई दिन से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। दिल्ली में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी भी पार्टी पदाधिकारियों के साथ मंथन कर चुके थे। गुरुवार की सुबह से ही यह चर्चा आरंभ हो गई थी कि रालोद की तरफ से पाल समाज के व्यक्ति को चुनाव लड़ाया जाएगा, लेकिन आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। बीजेपी की कार्यकर्ता को मीरापुर विधानसभा सीट पर प्रत्याशी घोषित करके सभी को चौंका दिया। इससे उन नेताओं को भी झटका लगा, जो टिकट की दावेदारी कर रहे थे। दिल्ली में हुई बैठक के बाद रालोद को एक सीट (मीरापुर) देने पर सहमति बनी, जिसके बाद गुरुवार को रालोद ने प्रत्याशी की घोषणा की है। इससे पहले उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों के उपचुनाव में भाजपा ने सात उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।मिथलेश पाल के टिकट होने से अति पिछड़ा मोर्चा ने प्रत्याशी उतारने से मना कर दिया है। भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल एडवोकेट ने प्रेस विज्ञत्ति जारी कर बताया कि मोर्चा की ओर से मीरापुर उपचुनाव के लिए शुकतीर्थ में पंचायत हुई थी,। उसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने घोषणा की थी कि अगर उपचुनाव में अति पिछड़ा वर्ग के किसी व्यक्ति को टिकट देकर चुनाव न लड़वाया गया तो मोर्चा द्वारा वरिष्ठ पत्रकार रणवीर सैनी को को मजबूती से चुनाव लड़वाया जाएगा, हालांकि उन्होंने रणवीर सैनी से बसपा से टिकट मांगा था। वहीं, भाजपा व लोकदल गठबंधन से पूर्व विधायक मिथलेश पाल को प्रत्याशी बनाया गया है। पुष्पेंद पाल ने बताया कि मिथलेश पाल का टिकट होने से मोर्चा की ओर से कोई प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं होगा।