मुजफ्फरनगर। औद्योगिक पार्क के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान, जमीन की रजिस्ट्री से मुकरने का आरोप-एप्रो ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक ने वार्ता कर जिलाधिकारी से लगाई गुहार, 5,000 लोगों को रोजगार देने की थी योजना मुजफ्फरनगर जिले में औद्योगिक पार्क स्थापित कर पांच हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना जमीन की खरीद को लेकर विवादों में घिर गई है। रुड़की की एप्रो ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक अभिलाषा सिंह ने जमीन की खरीद के लिए करोड़ों रुपये का भुगतान किए जाने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने आयोजित वार्ता के दौरान पूरे मामले की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने संबंधित भू-स्वामियों और बिचौलियों से या तो जमीन की रजिस्ट्री कराने अथवा दी गई धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए अभिलाषा सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी की ओर से मुजफ्फरनगर सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम मांडला में बड़े स्तर पर औद्योगिक पार्क स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इस परियोजना के लिए लगभग 180 बीघा भूमि की आवश्यकता थी। औद्योगिक पार्क स्थापित होने से क्षेत्र में विकास को गति मिलने के साथ ही कुशल और अकुशल दोनों श्रेणियों के करीब पांच हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना थी। अभिलाषा सिंह के अनुसार, रुड़की के कर्नल एन्क्लेव क्षेत्र निवासी जितेंद्र वर्मा ने कंपनी प्रबंधन से संपर्क कर बरला से बसेड़ा जाने वाले मुख्य मार्ग पर ग्राम मांडला में लगभग 130 बीघा भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने जमीन को स्वच्छ और भारमुक्त बताते हुए यह भी सहमति दी थी कि कंपनी को उपलब्ध कराई जाने वाली भूमि पर सड़क से छह इंच ऊंचाई तक मिट्टी का भराव कराया जाएगा


