मुजफ्फरनगर। श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर में बीटेक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी ज्ञान, रचनात्मकता, नवाचार एवं व्यावहारिक कौशल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘इनोविज़न’ विज्ञान एवं तकनीकी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक एवं तकनीकी विषयों पर आधारित वर्किंग मॉडल एवं तकनीकी पोस्टर प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया।
स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम
‘इनोविज़न’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक रूप प्रदान करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना था। प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता को वास्तविक मॉडल में परिवर्तित करने, वैज्ञानिक समस्याओं को समझने तथा उनके तकनीकी समाधान विकसित करने का अवसर मिला।प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि, स्वचालन, स्मार्ट तकनीक एवं दैनिक जीवन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर आधारित मॉडल एवं पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रत्येक टीम ने अपने मॉडल की कार्यप्रणाली, तकनीकी अवधारणा, उपयोगिता तथा भविष्य में उसके संभावित अनुप्रयोग के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विशेष रूप से ‘स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम’ मॉडल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने इस मॉडल के माध्यम से आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए कृषि क्षेत्र में सिंचाई को अधिक प्रभावी बनाने तथा जल के उचित उपयोग की अवधारणा प्रस्तुत की। मॉडल में तकनीक के माध्यम से आवश्यकता के अनुसार सिंचाई को नियंत्रित करने की कार्यप्रणाली प्रदर्शित की गई।
चेयरमैन ने किया अवलोकन
विज्ञान एवं तकनीकी प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों एवं पोस्टरों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया। इनमें वैज्ञानिक एवं तकनीकी अवधारणा, मॉडल की कार्यप्रणाली, विषय की स्पष्ट समझ, नवाचार, रचनात्मकता, व्यावहारिक उपयोगिता, समस्या-समाधान क्षमता तथा प्रस्तुतीकरण कौशल को प्रमुख आधार बनाया गया। विद्यार्थियों ने निर्णायक मंडल एवं शिक्षकों के समक्ष पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए तथा उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों के तकनीकी एवं तार्किक उत्तर दिए।इस प्रक्रिया ने विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उनके संचार कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता एवं आत्मविश्वास को भी बढ़ावा दिया।प्रदर्शनी में संस्थान के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एस.सी. कुलश्रेष्ठ ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न वर्किंग मॉडल एवं तकनीकी पोस्टरों का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट्स के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ-साथ उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करने और उनके तकनीकी समाधान खोजने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी नए विचारों, प्रयोगों एवं नवाचार के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।इस अवसर पर श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के निदेशक प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार वशिष्ठ ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान एवं तकनीकी प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को
“Prototype Today, Patent Tomorrow” की दिशा में आगे बढ़ाती हैं।‘इनोविज़न’ विज्ञान एवं तकनीकी प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ प्रतिभाग किया। प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ विभिन्न तकनीकी विचारों को समझने एवं एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान किया।वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न अभिनव मॉडलों में ‘स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम’ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस टीम में दिव्या, बुलबुल, वैष्णवी एवं प्राची शामिल रहीं।टेक्निकल पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक एवं तकनीकी विषयों को प्रभावशाली ढंग से पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट विषयवस्तु, रचनात्मक प्रस्तुतीकरण एवं तकनीकी समझ के आधार पर अवनी एवं वैष्णवी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में डीन, एप्लाइड साइंस डॉ. सुचित्रा त्यागी, रजिस्ट्रार डॉ. अंकुर कुमार तथा संस्थान के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी इंजी. आशीष सिंह, शिक्षकों एवं आयोजन समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के सामूहिक प्रयास एवं सहयोग से ‘इनोविज़न’ विज्ञान एवं तकनीकी प्रदर्शनी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।अंत में प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी विद्यार्थियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी गई तथा विजेता विद्यार्थियों को विशेष रूप से शुभकामनाएं प्रदान की गईं। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक, नवाचार एवं रचनात्मक सोच के प्रति उत्साह उत्पन्न करने के साथ उन्हें भविष्य में नए एवं उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।


