मुजफ्फरनगर । बीते दिनों पूर्व मंत्री की खाद फैक्ट्री पर छापेमारी के बाद मुजफ्फरनगर में आज उस समय सनसनी फैल गई, जब राज्य जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने शहर के बड़े उद्यमी व पूर्व विधायक नूर सलीम राणा की फैक्ट्री पर सुबह अचानक धावा बोल दिया। यह कार्रवाई शहर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित अमन रोलिंग मिल पर हुई, जहां सुबह से जांच अधिकारियों का जमावड़ा लगा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, अमन रोलिंग मिल में लंबे समय से बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि उक्त मिल से माल की सप्लाई के बीच में रेकी का सहारा लिया जाता था ताकि बिना ई-वे बिल के माल को गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। इसी इनपुट के आधार पर जीएसटी की टीम ने पूरी योजना के साथ एक साथ मिल में प्रवेश किया। छापेमारी इतनी गोपनीय और त्वरित थी कि मिल के कर्मियों को संभलने का मौका नहीं मिला। टीम ने अंदर जाते ही सभी कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए। इसके साथ ही मिल के सभी एंट्री और एग्जिट गेट बंद कराते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। ऐसे में इस बीच किसी भी बाहरी व्यक्ति, यहां तक कि मिल मालिकों के करीबियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई।
जीएसटी अधिकारी फिलहाल मिल में कंप्यूटर डेटा, बीते छह माह के सेल-परचेज बिल व बैंक ट्रांजेक्शन की फाइलों को खंगाल रहे हैं। प्राथमिक तौर पर फिजिकल स्टॉक व रजिस्टर में दर्ज किए आंकड़ों में भारी अंतर की आशंका जताई जा रही है। मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और स्टॉक को चैक कराने में समय लग सकता है, जिसके चलते यह छापेमारी देर रात तक चलने की संभावना है।
बता दें, नूर सलीम राणा केवल एक व्यापारी ही नहीं बल्कि जिले की राजनीति का बड़ा चेहरा हैं। वे चरथावल क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं व वर्तमान में रालोद के सक्रिय नेता हैं।