मुजफ्फरनगर। दुष्कर्म पीड़िता के मामले में मंत्री कपिल देव अग्रवाल का कड़ा एक्शन, MDA ने डॉ. सम्राट के हॉस्पिटल को नोटिस जारी किया है।
मुज़फ्फरनगर 25 अगस्त। *दुष्कर्म पीड़िता के मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री एवं मुज़फ्फरनगर नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को तथाकथित दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री की पहल के बाद मुज़फ्फरनगर विकास प्राधिकरण (MDA) ने डॉ. सम्राट के हॉस्पिटल को नोटिस जारी करते हुए उसके निर्माण एवं संचालन से जुड़े वैधानिक पहलुओं की जांच की कार्रवाई शुरू की है।*
*गौरतलब है कि करीब तीन दिन पूर्व मंत्री कपिल देव अग्रवाल स्वयं पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने परिवार की पीड़ा को गंभीरता से सुना और उन्हें हरसंभव सहयोग एवं न्याय का भरोसा दिलाया था। मंत्री ने पीड़ित परिवार को स्पष्ट शब्दों में आश्वासन दिया था कि “मामले में जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”*
*इसके साथ ही मंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से वार्ता कर प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।*
*इसी क्रम में अब MDA द्वारा डॉ. सम्राट के हॉस्पिटल को नोटिस जारी किया जाना प्रशासनिक कार्रवाई की महत्वपूर्ण कड़ी है। हॉस्पिटल के निर्माण एवं संचालन से संबंधित आवश्यक अनुमतियों और वैधानिक प्रावधानों की जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।*
*मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।*
*मंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो।*


