महर्षि चरक हांस्पिटल के जेहादी निकले संचालक डाक्टर नईम, डाक्टर सुहैल
ये हिन्दुओ के साथ सीधा सीधा बहुत बडा धोखा है इस हांस्पिटल के मुस्लिम संचालक को महर्षि चरक का नाम लिखने का अधिकार किसने दिया
अब इन्होने एक दलित महिला के साथ कैसे धोखा किया उसको देखिये
मुजफ्फरनगर। रुड़की चुंगी स्थित महर्षि चरक अस्पताल को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। बघरा निवासी एक दलित परिवार का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराई गई गर्भवती महिला से कहा गया कि गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन बंद हो चुकी है और सफाई करनी पड़ेगी। परिवार का आरोप है कि प्रक्रिया के बाद भी गर्भ का हिस्सा शरीर के भीतर ही रह गया, जिसके चलते महिला की हालत बिगड़ती चली गई घर में मृत बच्चा बाहर आ गया जब बच्चे को आपरेशन के द्वारा निकाल दिया गया था तो घर जाकर बच्चा कैसे निकल गया फिर उसे गंभीर अवस्था में दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
यह केवल चिकित्सकीय लापरवाही नहीं बल्कि एक गरीब दलित परिवार के जीवन के साथ खिलवाड़ है। मैं जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर और स्वास्थ्य विभाग से मांग करता हूं कि पूरे मामले की निष्पक्ष मेडिकल जांच कराई जाए, उपचार से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच हो तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
गरीब, दलित और कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय मिलना चाहिए। स्वास्थ्य सेवा मानवता की सेवा है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
और इनके हास्पिटल से महर्षि चरक का नाम हटवाया जाये
इन थूक मूत्र जेहादी गैंग वालों ने पहले होटल ढाबा पर हिन्दू देवी देवताओं के नाम रखकर पूरे भारत के हिन्दुओ को धोखा दिया इन्होने अपने होटल ढाबा पर नाम और पहचान छिपाकर हिन्दुओ को थूक मूत्र का गन्दी नाली के पानी से तैयार खाद्य पदार्थ खिलाया अब चिकित्सा क्षेत्र में भी हिन्दुओ के साथ धोखा किया जा रहा है बहुत गंभीर प्रकरण है इसको पुलिस प्रशासन गंभीरता से ले इनके चरक हास्पिटल की पूरी जांच हो ये भी आशंका है क्या पता इस दलित महिला का बच्चा पेट में जीवित हो और इन्होंने षडयंत्र के तहत इस बच्चे की पेट में भू्र्ण हत्या कर दी हो
इनका चरक हास्पिटल सील किया जाये और इन पर मुकदमा दर्ज किया जाये


